आप सरकार ने केन्द्र पर वृक्षारोपण कार्यक्रम को ‘हाईजैक’ करने का लगाया आरोप

arvind kejrival
ANI
आप सरकार ने केन्द्र पर वृक्षारोपण कार्यक्रम को ‘हाईजैक’ करने का आरोप लगाया।उपराज्यपाल सक्सेना ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति के कार्यान्वयन में कथित खामियों और अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की सिफारिश की है।

नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार को वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जबकि उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने केन्द्र सरकार पर इस कार्यक्रम को ‘‘हाईजैक’’ करने का आरोप लगाया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य में मुख्यमंत्री केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यक्रम को ‘‘हाईजैक’’ करने की कोशिश की और दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर वाले बैनर लगाए। उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने कहा, ‘‘उपराज्यपाल के साथ निर्धारित साप्ताहिक बैठक से, खराब सेहत का हवाला देते हुए, अनुपस्थित रहने के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल आज पूर्व निर्धारित पौधारोपण कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए।’’

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उपराज्यपाल सक्सेना ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति के कार्यान्वयन में कथित खामियों और अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की सिफारिश की है। इसी घटना की पृष्ठभूमि में केजरीवाल उपराज्यपाल के साथ होने वाली साप्ताहिक बैठक में भी शुक्रवार को शामिल नहीं हुए थे। राय ने कहा कि मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन अब उन्होंने इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और वह खुद कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका राजनीतिकरण किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल सरकार के कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया है और वह (केजरीवाल) इसमें शामिल नहीं होंगे।...

इस घटना के बाद, मैंने और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला किया है।’’ राय ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देशों पर काम किया। सेंट्रल रिज से 11 जुलाई को शुरू हुए ‘वन महोत्सव’ का असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य में रविवार को एक लाख पौधे लगाने के साथ समापन होना था। राय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस बीती रात समारोह स्थल पहुंची और क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों वाले बैनर जबरन लगाए... उपराज्यपाल (वी. के. सक्सेना) और मुख्यमंत्री केजरीवाल की तस्वीरों वाले बैनर हटा दिए गए।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने लोगों को मोदी की तस्वीरों वाले बैनर नहीं छूने की चेतावनी भी दी, जबकि ‘आप’ सरकार के बैनर फाड़ दिए गए। राय ने कहा कि उपराज्यपाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे और सभी तैयारियां कर ली गई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सत्येंद्र जैन को तुच्छ आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया। अब उपमुख्यमंत्री (मनीष सिसोदिया) को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री को सिंगापुर जाना था, लेकिन फाइल अटका दी गई।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ महीने में जो घटनाएं हुई हैं, वे ‘‘पीएमओ से आगे बढ़ने की मंजूरी मिले बिना’’ नहीं हो सकतीं। राय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, आपका नाम और चेहरा कौन नहीं पहचानता, लेकिन रात के अंधेरे में पुलिस को अपनी तस्वीरें लगाने के लिए भेजना केजरीवाल को लेकर मन में समाये डर को प्रदर्शित करता है।

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राय ने कहा, ‘‘पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, प्रधानमंत्री मोदी के बैनर लगाना नहीं।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे आश्चर्य है कि वे लोगों को क्या संदेश देना चाहते हैं। हम वृक्षारोपण कार्यक्रम पहली बार आयोजित नहीं कर रहे थे।’’ राय ने कहा कि बच्चों को शैक्षिक कार्यक्रम दिखाने के लिए लगाई गई एक एलईडी स्क्रीन पर मोदी की तस्वीरों वाले बैनर लगाए गए हैं। उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि वन महोत्सव कार्यक्रम स्थल के मंच पर लगाए जाने वाले बैनर के डिजाइन बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार को भेजे गए थे। सूत्रों ने कहा, ‘‘उन्हें बैनर पर प्रधानमंत्री की तस्वीर पर आपत्ति थी, लेकिन उन्हें समझाया गया कि वन महोत्सव भारत सरकार की पहल है और वहां प्रधानमंत्री के साथ-साथ उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की भी तस्वीर है।’’ कार्यक्रम को ‘हाईजैक’ करने के राय के आरोप पर सूत्रों ने कहा, ‘‘यह सच्चाई से परे है। मुख्यमंत्री की तस्वीरों वाले होर्डिंग अब भी कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों के खंभों पर देखे सकते हैं।’’

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दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि राय ने मामले की वास्तविकता को स्पष्ट रूप से सामने रखा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पुलिस बल के इस्तेमाल से हाईजैक किया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘भाजपा ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के पहले से मौजूद बैनर और पोस्टर फाड़ दिये जो पर्यावरण विभाग द्वारा लगाए गए थे और उनकी जगह प्रधानमंत्री के बैनर लगाए गए।’’ भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा, ‘‘दिल्ली के लोग अब केजरीवाल से पूछना चाहते हैं कि क्या वे कर देते हैं ताकि केजरीवाल उस पैसे से अपना चेहरा चमका सकें।’’ ‘आप’ नेता संजय सिंह ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उसके इशारे पर केजरीवाल के पोस्टर फाड़े। पुलिस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सिंगापुर सरकार ने केजरीवाल को अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाले ‘वर्ल्ड सिटीज’ शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया है, लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल ने बृहस्पतिवार को उनका अनुरोध यह कहते हुए वापस कर दिया था कि महापौरों के सम्मेलन में उनकी मौजूदगी एक उदाहरण स्थापित करेगी।

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