Mohan Bhagwat के Gen Z संवाद पर Abhijit Dipke का बयान, युवाओं को मिलना चाहिए नेतृत्व

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के छात्रों के साथ संवाद का स्वागत है, लेकिन इसका नेतृत्व जेन जेड के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाना चाहिए।
छत्रपति संभाजीनगर, चार अगस्त कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को कहा कि युवाओं के साथ संवाद का स्वागत है, लेकिन अगर इसका नेतृत्व युवा या ‘जेन जेड’ के प्रतिनिधि करें तो यह और भी बेहतर होगा। उन्होंने यह टिप्पणी मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत और छात्रों के बीच प्रस्तावित संवाद से पहले की। भागवत छह अगस्त को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जेन अल्फा और जेन जेड के छात्रों से बातचीत करेंगे।
इस कार्यक्रम में देशभर के 100 से अधिक शहरों के 15 से 19 वर्ष की आयु के 2,000 से अधिक छात्र एकत्र होंगे। वर्ष 1997 से 2012 के दौरान जन्मे युवाओं को जेन जेड , जबकि 2013 से 2024 के बीच जन्मे बच्चों को जेन अल्फा कहा जाता है। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए युवा प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
मुंबई में भागवत के आगामी कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा, ‘‘यह अच्छी बात है कि संवाद हो रहा है, लेकिन अगर इसके लिए कुछ युवा चेहरों को आगे किया जाए तो यह और भी बेहतर होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं ने ऐसा करने पर मजबूर किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट करनी पड़ रही है और मोहन भागवत भी जेन जेड के साथ बातचीत करना चाहते हैं।’’ कॉजपा संस्थापक ने छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से कहा, ‘‘भले देर से ही सही, लेकिन उन्हें यह समझ आ गया है कि जेन जेड को नजरअंदाज या खारिज नहीं किया जा सकता और हमें उनसे बात करनी चाहिए। ये युवा ही देश का भविष्य हैं।
दीपके ने इस बात पर जोर दिया कि जेन जेड को युवा प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि अगर (युवाओं से बातचीत करने वाले) चेहरे जेन जेड या युवा हों तो यह और भी बेहतर होगा। अगर 70-80 साल की उम्र के लोग बात कर रहे हैं, तो ठीक है, लेकिन इससे जेन जेड को क्या मिलेगा?
जेन जेड को युवा प्रतिनिधित्व की जरूरत है। अगर युवा, युवाओं से बात करेंगे तो यह और बेहतर होगा।’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखंड सरकार वहां आंदोलन कर रहे छात्रों की अनदेखी कर रही है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दीपके ने बताया कि उन्होंने झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों से फोन पर बात की है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें अपने तंबू लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उनके लिए शौचालय की सुविधा भी नहीं है। झारखंड में उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जा रहा है जैसा जंतर-मंतर (पिछले महीने नयी दिल्ली में) पर हमारे साथ किया गया था, लेकिन हम झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों के साथ हैं।
कॉजपा इन आंदोलनकारियों के साथ खड़ी है।
अन्य न्यूज़













