कारण बताओ नोटिस के बाद IAS नियाज खान का एक और ट्वीट, लिखा- अल्लाह को बहादुरी पसंद है

कारण बताओ नोटिस के बाद IAS नियाज खान का एक और ट्वीट, लिखा- अल्लाह को बहादुरी पसंद है

नियाज खान ने अपने ट्वीट में लिखा है कि जब आप कुरान में गहरी आस्था रखते हैं और सभी से प्यार करते हैं तो आपका दिल स्टील का बन जाता है। हमेशा न्याय के साथ खड़े रहें, ईश्वर आपको शक्ति देगा। सभी गालियां आशीर्वाद में परिवर्तित हो जाएंगी

भोपाल। मध्य प्रदेश के IAS अधिकारी नियाज खान को द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म को लेकर ट्वीट करने के कारण बताओ नोटिस भेजा है। सरकारी नोटिस मिलने के बाद नियाज खान ने एक बार फिर से ट्विटर पर एक ट्वीट लिखा है। उन्होंने लिखा है की इंसान से नहीं सिर्फ भगवान से डरना चाहिए।

दरअसल नियाज खान ने अपने ट्वीट में लिखा है कि जब आप कुरान में गहरी आस्था रखते हैं और सभी से प्यार करते हैं तो आपका दिल स्टील का बन जाता है। हमेशा न्याय के साथ खड़े रहें, ईश्वर आपको शक्ति देगा। सभी गालियां आशीर्वाद में परिवर्तित हो जाएंगी। इंसान से नहीं सिर्फ भगवान से डरें। अल्लाह को बहादुरी पसंद है।

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बताया जा रहा है कि गुरुवार को नियाज खान को मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से नोटिस जारी हुआ जिसमें सात दिन के अंदर उनसे जवाब मांगा गया है। इससे पहले गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि नियाज खान अपनी मर्यादा लांघ रहे हैं। लक्ष्मण रेखा जो अधिकारियो कि होती है उसका उल्लंघन कर रहे हैं।

आपको बता दें कि नियाज खान ने ट्वीट में लिखा था कि द कश्मीर फाइल्स' से 150 करोड़ की कमाई हो चुकी है। बहुत अच्छा है। लोगों ने कश्मीरी पंडितों की भावनाओं का बहुत सम्मान किया है। मैं फिल्म निर्माता का सम्मान करता हूं कि वो पूरी कमाई को कश्मीरी पंडितों के बच्चों की शिक्षा और उनके लिए घरों के निर्माण के लिये दे दें। यह एक महान दान होगा।

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नियाज खान ने इसके पहले लिखा था किकश्मीर फाइल्स पंडितों के दर्द को दिखाती है। उन्हें पूरे सम्मान के साथ कश्मीर में महफूज रहने की अनुमति दी जाए। लेकिन फिल्म निर्माता को कई राज्यों में बड़ी तादाद में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए भी एक फिल्म बनानी चाहिए।

अधिकारी ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर एक पुस्तक लिखने की योजना भी बना रहे हैं ताकि 'द कश्मीर फाइल्स' जैसी फिल्म की तरह किसी फिल्म निर्माता द्वारा अल्पसंख्यकों के दर्द को भारतीयों के सामने लाया जा सके। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी इंसान और देश के नागरिक हैं, वे कोई कीड़े-मकोड़े नहीं हैं।





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