Ajit Pawar Plane Crash Probe: DGCA की टीम ने किया घटनास्थल का दौरा, CCTV फुटेज और वीडियो की बारीकी से जांच

Ajit Pawar Plane
ANI
रेनू तिवारी । Feb 12 2026 10:15AM

पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे के पास लियरजेट विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से अजित पवार, कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की मौत हो गई थी।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के वरिष्ठ अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम ने बुधवार को पुणे जिले के बारामती के पास विमान हादसे वाली उस जगह का दौरा किया, जिसमें पिछले महीने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोग मारे गए थे। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने 28 जनवरी की घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो की समीक्षा की।

पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे के पास लियरजेट विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से अजित पवार, कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की मौत हो गई थी। नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा था कि विमान दुर्घटना की जांच समयबद्ध तरीके से की जाएगी।

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विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने घटनास्थल का दौरा किया था, और विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया था। इस संबंध में एक अधिकारी ने 30 जनवरी को कहा था कि महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने विमान दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।

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जांच की वर्तमान स्थिति

नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले ही आश्वासन दिया था कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी।

ब्लैक बॉक्स: विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और DGCA ने पहले ही विमान का 'ब्लैक बॉक्स' (Flight Data Recorder) बरामद कर लिया है, जो हादसे के अंतिम क्षणों की सटीक जानकारी दे सकता है।

बहु-स्तरीय जांच: जहाँ एक तरफ विमानन विशेषज्ञ तकनीकी कारणों की जांच कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) ने भी 30 जनवरी से इस मामले की आपराधिक और सुरक्षा पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। 

क्या था तकनीकी कारण?

हालांकि अभी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन अधिकारी इंजन फेलियर, मौसम की स्थिति और स्ट्रक्चरल डैमेज जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। DGCA की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह एक तकनीकी खराबी थी या मानवीय भूल। 

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