Allahabad High Court: कोडीन सिरप मामले की सुनवाई से अलग हुए न्यायमूर्ति कृष्ण पहल

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने प्रयागराज में कोडीन युक्त सिरप मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। यह फैसला याचिकाकर्ता द्वारा उनसे संपर्क करने के प्रयास के बाद लिया गया। अदालत ने इसे न्यायिक इतिहास का काला दिन बताते हुए मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया है।

कोडीन युक्त सिरप मामले में याचिकाकर्ता के न्यायाधीश से संपर्क करने के प्रयास के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने खुद को इस मामले में सुनवाई से अलग कर लिया है। अदालत कई जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें भोला प्रसाद द्वारा दायर याचिका भी थी। न्यायाधीश ने कहा, “न्यायिक कार्यवाही की गरिमा के लिए केवल यह जरूरी नहीं कि न्याय हो, बल्कि यह भी जरूरी है कि न्याय होता हुआ स्पष्ट रूप से और बिना किसी शक के दिखाई दे।” अदालत ने कहा, “किसी लंबित मामले के संबंध में न्यायाधीश के साथ बातचीत का कोई अतिरिक्त न्यायिक माध्यम बनाने की वादी या वकील की कोई कोशिश, कानूनी पेशे के नैतिक नियमों और स्वतंत्र न्यायपालिका के संवैधानिक मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है।” अदालत ने बृहस्पतिवार को अपने आदेश में कहा, “यह अदालत गहरे दुख और संस्थागत जिम्मेदारी की भावना के साथ यह दर्ज करती है कि यह घटना इस अदालत के इतिहास में एक काला दिन है।

न्यायिक संस्था का पूरा ढांचा जनता के इस अटूट विश्वास पर टिका है कि न्याय निष्पक्ष, निडर और बिना किसी बाहरी प्रभाव के किया जाता है।” न्यायाधीश ने कहा, “न्यायिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में दखल देने या उसे प्रभावित करने की कोशिश चाहे वह कितनी भी छोटी या गुप्त क्यों ना हो, कानून के शासन पर सीधा हमला है।” सुनवाई के दौरान, अदालत ने बृहस्पतिवार को सभी मामलों में अंतिम सुनवाई करना तय किया था और निर्णय बाद में किसी तिथि पर सुनाया जा सकता था। हालांकि, याचिकाकर्ताओं द्वारा न्यायाधीश तक पहुंचने के प्रयास किए गए। अदालत ने कहा, “इस संस्थान की गरिमा बनाए रखने, न्यायिक प्रक्रिया की शुचिता की रक्षा करने और न्याय में निष्पक्षता के बारे में जरा सी भी आशंका को दूर करने के लिए यह पीठ खुद को इन मामलों में सुनवाई से अलग करना उचित समझती है।” न्यायाधीश ने कहा कि इन मामलों को इस अदालत से मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जाता है ताकि इन्हें उचित पीठ को सौंपा जा सके।

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