Allahabad High Court ने Prayagraj में जलभराव पर जताई नाराजगी, 24 घंटे में पानी हटाने का निर्देश

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रयागराज शहर में भारी बारिश के बाद बने जलभराव के हालात पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को 24 घंटे के भीतर प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने नगर आयुक्त को 25 अगस्त की अगली सुनवाई पर सफाई और जल निकासी का ब्योरा पेश करने को कहा है। अदालत ने मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे को न्याय मित्र भी नियुक्त किया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को प्रयागराज में जलभराव की समस्या दूर करने और 24 घंटे के भीतर प्रभावित इलाकों से बारिश का पानी निकालने का जिला प्रशासन को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने हाल में हुई भारी बारिश के कारण शहर में जलभराव की समस्या का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह निर्देश दिया। अदालत में बृहस्पतिवार को पेश हुए नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने कहा कि निचले इलाकों से पंप के जरिये जल्द से जल्द पानी निकाला जाएगा और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

अदालत ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना नगर आयुक्त की जिम्मेदारी है कि जहां भी जलभराव है, वहां पर्याप्त संख्या में पंप लगाए जाएं ताकि अगले 24 घंटे में उन इलाकों से बारिश का पानी निकाला जा सके।’’ अदालत ने कहा कि जितने पंप की जरूरत हो, उन्हें उत्तर प्रदेश जल निगम से प्राप्त किया जाए और यदि जल निगम के पास पर्याप्त पंप उपलब्ध नहीं हैं तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह 12 घंटे के भीतर आवश्यक संख्या में पंप उपलब्ध कराए। अदालत ने नगर आयुक्त को 25 अगस्त को अगली सुनवाई पर हलफनामा दाखिल कर वार्ड और क्षेत्रवार जलभराव की स्थिति का विवरण देने को कहा। उन्हें यह भी बताने का निर्देश दिया गया कि क्या मानसून से पहले नालों की सफाई की गई थी।

नगर आयुक्त को जवाहर लाल नेहरू मार्ग, जॉर्ज टाउन और सोहबतियाबाग के आसपास स्थित नालों की सफाई की योजना भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दिसंबर 2024 की अधिसूचना के आधार पर वर्षा जल प्रबंधन के लिए तैयार दीर्घकालिक योजना से संबंधित शहरी नियोजन एवं विकास विभाग के सचिव का हलफनामा अदालत में पेश किया। उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

अदालत ने इस जनहित मामले में सहयोग के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे को न्याय मित्र नियुक्त किया। अदालत ने कहा कि जलभराव से प्रभावित नागरिक या इस संबंध में सुझाव अथवा योजनाएं प्रस्तुत करने के इच्छुक लोग न्याय मित्र के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं।

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