विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि कानून वापसी बिल लोकसभा में पास, राकेश टिकट बोले- आंदोलन जारी रहेगा

विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि कानून वापसी बिल लोकसभा में पास, राकेश टिकट बोले- आंदोलन जारी रहेगा

लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल के पास हो जाने के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक एमएसपी को लेकर हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन 700 किसानों की मृत्यु हुई उनको ही इस बिल के वापस होने का श्रेय जाता है। MSP भी एक बीमारी है।

विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल पास हो गया। हालांकि कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में विधेयक पर चर्चा की मांग की। इससे पहले विपक्षी सांसदों के नारेबाजी के बीच लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि क़ानून निरसन विधेयक 2021 पेश किया। राज्यसभा में भी आज ही यह बिल पेश किया जाएगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले ही तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में इस बात की घोषणा की थी। उसके बाद इसे कैबिनेट की बैठक में भी मंजूरी मिल गई थी।

 

टिकैत का बयान

वहीं, लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल के पास हो जाने के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक एमएसपी को लेकर हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन 700 किसानों की मृत्यु हुई उनको ही इस बिल के वापस होने का श्रेय जाता है। MSP भी एक बीमारी है। सरकार व्यापारियों को फसलों की लूट की छूट देना चाहती है। आंदोलन जारी रहेगा।

टिकैत ने कहा कि तीन मामलों का समाधान हो गया है अभी 1 मामला बाकी है। 1 साल में जो नुकसान हुआ है उस पर सरकार बैठ कर बात करे, समाधान निकल जाएगा। सरकार धोखे में रख कर, जालसाज़ी के साथ ग़लत बयानबाजी करके मामले को निपटाना चाहती है, तो उससे ये मामला खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ये चाहती कि हम बिना बातचीत के यहां से धरना खत्म करके चले जाए। देश में कोई आंदोलन और धरना ना हो। सरकार से जो एक बातचीत का रास्ता है वो बंद हो जाए, तो सरकार इस गलतफहमी में ना रहे। सरकार से बात किए बिना हम नहीं जाएंगे। सरकार से बातचीत का रास्ता खोल के जाएंगे। 

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लोकसभा में हंगामा

किसानों के मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामा जारी रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करने को कहा, वैसे ही कांग्रेस सहित कुछ दलों के सदस्य अपने स्थान से शोर शराबा करने लगे। शोर शराबे के बीच ही एक प्रश्न को लिया गया। विपक्षी सदस्य ‘किसानों को न्याय दो’ के नारे लगा रहे थे। इस दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि देश की जनता चाहती है कि सदन की कार्यवाही चले, ऐसे में जनता की भावना और सदन की मर्यादा का ध्यान रखें।  





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