टीआरपी स्कैम मामला: चार्जशीट में पार्थो दासगुप्ता का दावा, रेंटिंग से छेड़छाड़ के लिए अर्नब से मिले थे 40 लाख रुपए !

टीआरपी स्कैम मामला: चार्जशीट में पार्थो दासगुप्ता का दावा, रेंटिंग से छेड़छाड़ के लिए अर्नब से मिले थे 40 लाख रुपए !

बार्क इंडिया के पूर्व सीईओ ने पार्थो दासगुप्ता द्वारा पुलिस को दिए गए लिखित बयान के मुताबिक, रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी ने उनको परिवार के साथ घूमने जाने के लिए 12 हजार अमेरिकी डॉलर दिए थे।

मुंबई। रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। बार्क इंडिया के पूर्व सीईओ ने पार्थो दासगुप्ता ने मुंबई पुलिस को दिए अपने लिखित बयान में कई हैरतअंगेज दावे किए हैं। जिसमें से एक दावा यह है कि अर्नब गोस्वामी ने टीआरपी रेंटिंग को चैनल के पक्ष में कराने के लिए करीब 40 लाख रुपए दिए थे। आपको बता दें कि बार्क ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल का शॉर्ट फार्म हैं और बार्क सभी भाषाओं के चैनलों की टीआरपी जारी करने का काम करती है। आपको याद हो तो टीआरपी स्कैम सामने आने के बाद बार्क ने फैसला किया था कि वह तीन महीने तक समाचारों चैनलों की टीआरपी रेंटिंग जापी नहीं करेगी। इसके लिए बकायदा बैठकें भी हुईं थीं। 

इसे भी पढ़ें: प्रियंका गांधी की मांग, अर्नब गोस्वामी की व्हाट्सएप बातचीत मामले की निष्पक्ष जांच हो 

अर्नब गोस्वामी से मिले 40 लाख रुपए

पार्थो दासगुप्ता द्वारा पुलिस को दिए गए लिखित बयान के मुताबिक, रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी ने उनको परिवार के साथ घूमने जाने के लिए 12 हजार अमेरिकी डॉलर दिए थे। इसके अलावा तीन साल के दौरान चैनल के पक्ष में रेंटिंग देने के लिए 40 लाख रुपए मिले थे। बता दें कि टीआरपी में छेड़छाड़ से संबंधी यह जानकारी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के जरिए प्राप्त हुई है।

3600 पन्नों की दायर हुई चार्जशीट

मुबंई पुलिस ने टीआरपी स्कैम से जुड़े मामले की 3600 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट 11 जनवरी को दाखिल की थी। जिसमें बार्क की एक फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट, पार्थो दासगुप्ता और अर्नब गोस्वामी चैट लीक मामले के साथ-साथ बार्क के पूर्व कर्मचारियों समेत 59 लोगों के बयान शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीआरपी स्कैम से जुड़े मामले में मुंबई पुलिस ने पहली चार्जशीट 12 लोगों के खिलाफ नवंबर 2020 में दाखिल की थी। दूसरी चार्जशीट के मुताबिक क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के दफ्तर में पार्थो दासगुप्ता का बयान 27 दिसंबर 2020 को रिकॉर्ड किया गया था। 

इसे भी पढ़ें: सोनिया गांधी ने अर्नब गोस्वामी मामले पर कहा- राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांटने वाले पूरी तरह बेनकाब हो गए 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्थो दासगुप्ता के बयान में अर्नब गोस्वामी को साल 2004 से जानने की बात कही गई है। यह उस दौर की बात है जब दोनों टाइम्स नाउ में साथ में काम किया करते थे। बयान के मुताबिक, मैंने (पार्थो दास गुप्ता) 2013 में बार्क के सीईओ के तौर पर ज्वॉइन किया था और अर्नब ने 2017 में रिपब्लिक टीवी को लॉन्च किया था। चैनल की लॉन्चिंग की योजना के बारे में अर्नब ने बताया था और रेंटिंग में मदद करने की भी बात कही थी। इसके अलावा उन्होंने बयान में परिवार के साथ घूमने जाने के लिए 6-6 हजार डॉलर रुपए और टीआरपी से छेड़छाड़ के लिए तीन साल में पहले 20 लाख, फिर 10-10 लाख रुपए मिलने की बात कही।

वहीं, पार्थो दास गुप्ता के वकील ने अंग्रेजी समाचार वेबसाइट द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बयान को नकारने की बात कही और दबाव में दर्ज कराने की बात कही।

कांग्रेस प्रमुखता से उठा रही चैट लीक का मामला

कांग्रेस कार्य समिति ने ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की कथित व्हाट्सएप चैट लीक को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ एवं सरकारी गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करार दिया और कहा कि इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराई जानी चाहिए।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।