दिल्ली में कोविड-19 के करीब 5,500 नए मामले सामने आए: सत्येंद्र जैन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 4, 2022   15:55
दिल्ली में कोविड-19 के करीब 5,500 नए मामले सामने आए:  सत्येंद्र जैन

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि मंगलवार को कोविड-19 के करीब 5,500 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर 8.5 प्रतिशत दर्ज की गई, साथ ही कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सप्ताहांत में कर्फ्यू लगाया गया है, उसे लॉकडाउन के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए।

नयी दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि मंगलवार को कोविड-19 के करीब 5,500 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर 8.5 प्रतिशत दर्ज की गई, साथ ही कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सप्ताहांत में कर्फ्यू लगाया गया है, उसे लॉकडाउन के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: पट्टे पर दफ्तर जगह की मांग 2021 में दो प्रतिशत बढ़ी, 2019 के मुकाबले 45 प्रतिशत कम

जैन ने पत्रकारों से कहा कि विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के लिए मुख्य तौर पर कोरोना वायरस का नया स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ जिम्मेदार है। जैन ने बताया कि सोमवार को दिल्ली में कोविड-19 के 4,099 नए मामले सामने आए थे और संक्रमण दर 6.46 प्रतिशत थी। वहीं, एक मरीज की मौत भी हुई थी।

इसे भी पढ़ें: पीरामल कैपिटल इस साल 100 नई शाखाएं खोलेगी,तीन वर्ष में 1,000 नए शहरों में उतरेगी

उन्होंने बताया कि मामले बढ़ गए हैं और मंगलवार को कोविड-19 के करीब 5,500 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर 8.5 प्रतिशत दर्ज की गई। नई पाबंदियों के संबंध में किए सवाल पर उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सप्ताहांत में कर्फ्यू लगाया गया है, लेकिन उसे लॉकडाउन नहीं माना जाना चाहिए। जैन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मजदूरों की स्थिति के प्रति पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए कोविड-19 संबंधी पाबंदियां लगाई जा रही हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।