Himanta Biswa Sarma ने दी जानकारी, Assam में 12 विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ रोकी गई

असम के मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत में 12 लोगों के अवैध प्रवेश के प्रयास को विफल कर दिया। उन्होंने राज्य को जनसांख्यिकीय घुसपैठ के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस बल की सतर्कता की सराहना की। हालांकि सीएम ने घुसपैठियों के मूल देश और उनकी जातीय पहचान संबंधी विवरण साझा नहीं किए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि 12 विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य को ‘जनसांख्यिकीय घुसपैठ के खतरे’ से सुरक्षित रखने के लिए असम पुलिस की सराहना की। शर्मा ने बुधवार शाम सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ नजरें पूरी तरह सतर्क, कार्रवाई तेज!
उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए असम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से असम में 12 घुसपैठियों के अवैध प्रवेश को रोक दिया और इस तरह हमारे राज्य को जनसांख्यिकीय घुसपैठ के खतरे से सुरक्षित रखा।’’ हालांकि, उन्होंने घुसपैठियों की जातीय पहचान, उन्हें कहां प्रवेश करने से रोका गया और उनके मूल देश जैसी जानकारी साझा नहीं की। असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश के साथ कुल 267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। श्रीभूमि के सुतारकांडी में एक एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुल तीन आईसीपी हैं। अन्य दो मेघालय के दॉकी और त्रिपुरा के अखौरा में हैं। इसके अलावा, असम के दार्रांगा में भारत-भूटान सीमा पर भी एक आईसीपी है।
असम पुलिस ने पूर्व में कहा था कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में 2024 में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, पुलिस और बीएसएफ बांग्लादेश से गैर-भारतीय नागरिकों के भारत में प्रवेश के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। बाद में सभी भारतीय पासपोर्ट धारकों को संकटग्रस्त बांग्लादेश से असम के प्रवेश मार्ग के जरिए भारत लौटने की अनुमति दी गई थी।
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