Ayodhya Deepotsav में 56 घाटों पर जले 36 लाख से ज्यादा दीये, बना भव्य नजारा

अयोध्या में आयोजित 10वें दीदीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीये जलाए गए। इस भव्य आयोजन में 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने दीप सजाने और प्रज्वलित करने में सहयोग दिया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
(फोटो के साथ) अयोध्या (उप्र) सात नवंबर भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या शनिवार को 36 लाख से अधिक दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। सरयू नदी के तट से लेकर मंदिरों, गलियों और मुख्य मार्गों तक दीप जलाए गए। अधिकारियों ने शनिवार देर शाम यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में लगातार 10वीं बार दीपोत्सव का आयोजन किया गया, इस दौरान सरयू नदी के किनारे राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीप जलाए गए। बयान के मुताबिक इस आयोजन में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, विभिन्न महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने योगदान दिया। बयान में कहा गया है कि उन्होंने घाटों पर दीप सजाए और उनमें तेल-बाती डालकर उन्हें जलाया।
दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर दीप प्रज्वलित किए। अतिथियों ने उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से तैयार रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित ‘3डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग’ और लाइव प्रस्तुति के साथ लेजर शो भी देखा। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में आयोजन की सराहना की।
भगवान राम के अयोध्या आगमन की खुशी में आतिशबाजी भी की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान और ऋषि-मुनियों की आरती उतारी, उन्हें तिलक लगाया और फूलों की माला पहनाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री, संतों और मंत्रियों ने भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक भी किया।
आयोजन में पुष्पक विमान से भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के अयोध्या पहुंचने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। उनके आगमन पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका रथ भी खींचा।
इस दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावुक हो गए। दीपोत्सव के दौरान वेदाचार्यों ने सरयू नदी की आरती की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सरयू नदी की आरती उतारी।
इस मौके पर मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, साधु-संत और कई विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। आरती के लिए नदी किनारे कई मंच बनाए गए थे। बयान के मुताबिक, दीपोत्सव के दौरान स्वदेशी ड्रोन के जरिए अयोध्या के आसमान में भगवान श्रीराम की आकृति बनाई गई।
रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां भी दिखाई गईं। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं की प्रस्तुतियां दीं। शहर के मंदिरों, छोटी गलियों, मुख्य मार्गों और सरकारी व धार्मिक भवनों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आग्रह पर लोगों ने अपने घरों, मठों, मंदिरों, आश्रमों और चौराहों पर भी दीप जलाए। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अयोध्या में हर तरफ श्रीराम, जय राम, जय जय राम , जय सिया राम और सियावर रामचंद्र की जय के जयकारे गूंजते रहे। सरयू नदी के किनारे जलते दीपों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा।
देश के अलग-अलग राज्यों और विदेश से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भी दीपोत्सव में हिस्सा लिया।
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