ठाणे में Maharashtra ATS ने 13 लाख के इनामी Naxalite संजय यादव को दबोचा

महाराष्ट्र एटीएस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए डोंबिवली के खंबालपाडा इलाके से प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सदस्य संजय सरजू यादव को पकड़ा है। आरोपी बिहार और झारखंड में कुल 63 आपराधिक मामलों में वांछित था और पहचान छिपाकर एक बंगले में गायों की देखभाल कर रहा था। ठाणे की अदालत ने उसे झारखंड पुलिस को 4 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया है।
मुंबई/ठाणे, सात नवंबर महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने बिहार और झारखंड में 63 मामलों में वांछित 13 लाख रुपये के इनामी नक्सली को ठाणे जिले से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर झारखंड के पलामू जिले के देवगांव गांव निवासी संजय सरजू यादव (45) को डोंबिवली के ठाकुरली इलाके के खंबालपाडा से गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि उस पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था। झारखंड सरकार ने उस पर 10 लाख रुपये और बिहार सरकार ने तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अधिकारी के मुताबिक झारखंड में प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की जोनल कमेटी के सदस्य यादव ने शुरुआती पूछताछ के दौरान बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए पिछले 10 दिन से ठाकुरली में छिपा हुआ था और खंबालपाडा के एक बंगले में गायों की देखभाल करने का काम कर रहा था।
अधिकारी ने बताया कि झारखंड पुलिस से मिली सूचना के आधार पर यादव को गिरफ्तार किया गया, उसके पास से एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी बरामद हुई है। शनिवार को ठाणे की एक अदालत ने यादव को झारखंड ले जाने के लिए झारखंड पुलिस को चार दिन की ट्रांजिट रिमांड दे दी। झारखंड में वह कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित है।
बचाव पक्ष के वकील मनीष उज्जैनकर ने बताया कि यादव के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसके खिलाफ वारंट भी जारी किया गया था, जिसे आज तामील किया गया। उस पर 23 नवंबर 2019 को पिपरा में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दो स्थानीय नेताओं की हत्या और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान हरिहरगंज में भाजपा कार्यालय पर बमबारी सहित माओवादियों की ओर से किए गए कई बड़े हमलों में शामिल होने का आरोप था।
यादव झारखंड में माओवादियों से जुड़े 33 मामलों और बिहार में 30 मामलों में वांछित था। चौधरी ने बताया कि यदव पर छतरपुर के कलापहाड़ में संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) के जरिये विस्फोट में शामिल होने का भी आरोप था, जिसमें कई पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। यादव माओवादियों के उस दस्ते का हिस्सा था, जिस पर 2013 में विश्रामपुर थाना क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति समिति (टीएसपीसी) के 15 सदस्यों की हत्या का आरोप था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बिहार में भी वह 2016 में गया और औरंगाबाद जिलों में सुरक्षाबलों पर हुए हमलों के सिलसिले में वांछित था। इन हमलों में कई सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि यादव को 2011 में भी गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस यादव रविवार को लेकर झारखंड पहुंचेगी।
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