विपक्षी राज्यों को निशाना बना रही केंद्र सरकार, OSD पर CBI एक्शन के बाद BJP पर भड़के मान

सीबीआई द्वारा अपने ओएसडी पर छापेमारी के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले विपक्ष को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। मान ने कहा कि उनके पास भ्रष्टाचार का कोई पैसा नहीं है और वे जांच के लिए तैयार हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों को निशाना बनाने के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। यह आरोप तब लगाया गया जब CBI ने भ्रष्टाचार के एक मामले में उनके OSD (विशेष कार्याधिकारी) से जुड़ी जगहों पर छापेमारी की। मान ने कहा कि इस कार्रवाई से पता चलता है कि चुनाव वाले राज्य में बीजेपी का चुनावी अभियान शुरू हो गया है। CBI ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर मान के OSD राजबीर घुमन और पांच अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने आरोपियों से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की, जिसमें मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस भी शामिल था। 'हुनर पंजाब' पोर्टल लॉन्च होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मान ने कहा, "बीजेपी ने अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। उनका तरीका यही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किसी ऐसे राज्य में चुनाव होने वाले होते हैं जहाँ बीजेपी की सरकार नहीं है, तो केंद्रीय एजेंसियां महीनों पहले ही छापेमारी शुरू कर देती हैं।
इसे भी पढ़ें: High Court के आदेश के बाद OSD पर CBI FIR, Bajwa ने Punjab CM Office पर उठाए सवाल
उदाहरण देते हुए मान ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनावों से कुछ महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों के यहां छापेमारी की थी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली चुनावों से पहले 'फर्जी घोटाले' के मामले में AAP नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड चुनावों से पहले हेमंत सोरेन के यहां छापेमारी हुई थी, और हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में चुनावों से पहले वहां के कांग्रेस नेताओं के यहां भी छापेमारी की गई थी। जब उन्हें बताया गया कि CBI की कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद हुई है, तो मान ने कहा CBI के पास 10-15 साल से मामले लंबित हैं। क्या वे कभी इतनी तेज़ी से कार्रवाई करते हैं?" उन्होंने आगे कहा, "उन्हें यहां कुछ नहीं मिलेगा। हमारे घरों में भ्रष्टाचार का कोई पैसा नहीं है। पंजाब के लोग सब जानते हैं। वे जानते हैं कि हम किस मकसद से राजनीति में आए थे।" एक और सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "हम कहीं नहीं जा रहे हैं। जब हमें CBI से समन मिलेगा, तो हम किसी भी जांच का सामना करेंगे।
इसे भी पढ़ें: Voter List विवाद पर पूर्व जज SN Dhingra का बयान, ECI की SIR प्रक्रिया को बताया जरूरी
इससे पहले, हाई कोर्ट ने कहा था कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की ओर से पेश किए गए सबूतों से शुरुआती तौर पर अधिकारियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने का पता चलता है और कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया था। इसी आधार पर, एजेंसी ने घुमन और पांच अन्य लोगों नितिन गोहल, जतिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर एस नागरा -- के खिलाफ मामला दर्ज किया। इन पर आरोप है कि इन्होंने पैसे या किसी फायदे के बदले IAS और IPS अधिकारियों की नियुक्ति को प्रभावित किया। एजेंसी ने घुमन और दूसरे आरोपियों से जुड़ी आठ जगहों पर छापेमारी की।
अन्य न्यूज़















