गरीबों का हक छीनने वाले सबसे बड़े गद्दार, इन्हें धूल चटाता रहूंगाः ज्योतिरादित्य सिंधिया

Jyotiraditya Scindia
दिनेश शुक्ल । Oct 27, 2020 10:39PM
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और प्रदेश की जनता से सिंधिया परिवार का राजनैतिक नहीं अपितु पारिवारिक, दिलों का रिश्ता रहा है। यह रिश्ता आज से नहीं पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता सिंधिया परिवार हमेशा निभाता रहेगा।

भोपाल। इस चुनाव में एक तरफ वह कांग्रेस पार्टी है जिसने 15 माह प्रदेश में शासन कर विकास को दरकिनार कर दिया। जमकर भ्रष्टाचार मचाया। दूसरी ओर भाजपा है जिसने विकास, उन्नति को सर्वोपरि रखते हुए जनता के दिलों का विश्वास जीता है। यदि आपको विकास और उन्नति के रास्ते पर चलना है, तो आने वाले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को ऐतिहासिक मतों से जिताइये। यह बात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ब्यावरा, बदनावर, हाटपीपल्या और सांवेर की जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। सिंधिया ने कहा कि किसान, बेरोजगार, महिलाओं  की भलाई के वादे कर कांग्रेस सत्ता में आ गई,  लेकिन सत्ता में आने के बाद वादे भूलकर प्रदेश की जनता के साथ गद्दारी की। किसान, बेरोजगार, महिलाओं, गरीबों का हक छीनने वाले सबसे बड़े गद्दार हैं और ऐसे गद्दारों को मैं धूल चटाता रहूंगा।  

सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और प्रदेश की जनता से सिंधिया परिवार का राजनैतिक नहीं अपितु पारिवारिक, दिलों का रिश्ता रहा है। यह रिश्ता आज से नहीं पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता सिंधिया परिवार हमेशा निभाता रहेगा। सिंधिया ने कहा कि कुछ लोग इस रिश्ते में गति अवरोधक बने हुए थे। ये लोग सोचते थे कि लोकतंत्र हमेशा उनके चंगुल में रहे। लेकिन अब इन्हें हमने उखाड़ फेंका है। 

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश का वल्लभ भवन लोकतंत्र का मंदिर है, परन्तु पन्द्रह माह चली कांग्रेस सरकार ने इस लोकतंत्र के मंदिर को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाकर रख दिया। उद्योगपति कमलनाथ ने प्रदेश में उद्योग धंधे तो शुरू नहीं किए, एक उद्योग अवश्य खोला और वह था ट्रांसफर उद्योग।  हर विभाग में अधिकारी, कर्मचारी का ट्रांसफर करने की होड़ मच गई। ट्रांसफर केंसिल कराने लाखो रुपये लिए जाने लगे। एक अधिकारी का सात दिन में तीन-तीन जगह ट्रांसफर कर दिया गया। हर बार ट्रांसफर रुकवाने दलाल मोटी रकम लेने लगे। रेत के अवैध खनन का धंधा चरम पर जा पहुंचा। सिंधिया ने कहा कि पन्द्रह माह चली कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने विकास के नाम पर एक ईट तक नहीं लगाई। सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में जमकर भ्रष्टाचर चला, क्योंकि कांग्रेस में भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार है। कमलनाथ सरकार के समय भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया था कि उनकी सरकार के एक मंत्री ने ही स्वयं हाईकमान को पत्र लिखकर अवैध शराब के कारोबार,  भ्रष्टाचार को उजागर किया था।

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सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी ने पन्द्रह महीने तक कांग्रेस की सरकार चलाई। इस सरकार ने प्रदेश में विकास के क्या काम किए,  वो सभी के सामने हैं। सिंधिया ने कहा कि उनका और शिवराज जी का मकसद जनसेवा, किसानों की खुशहाली, गरीबों के चेहरे पर मुस्कान देखना है। इस चुनाव में एक तरफ वादाखिलाफी करने वाली, प्रदेश को भ्रष्टाचार का केंद्र बना देने वाली कमलनाथ और दिग्विजयसिंह की जोड़ी है, दूसरी तरफ विकास को समर्पित मेरी और शिवराज जी की जोड़ी है। अब इस चुनाव में जनता को यह फैसला करना है कि उसे कौन सी जोड़ी पसंद है।

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सिंधिया ने कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने किसानों का कर्ज माफ करने, बेरोजगारों को भत्ता देने जैसे वादे अपने वचन पत्र में किए थे। इन्हीं झूठे वादों से जनता को भ्रमित करके कांग्रेस ने सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की जनता ने कांग्रेस पार्टी को 36 में से 24 सीटें दीं, जो एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय की जोड़ी ने सरकार संभाली। कहने को मुख्यमंत्री कमलनाथ रहे लेकिन पर्दे के पीछे से सरकार दिग्विजय सिंह ने चलाते रहे। उन्होंने कहा कि दस दिन में कर्ज माफ करने का वादा करने वाली कांग्रेस ने जब दस माह बाद भी किसानों का कर्ज माफ नहीं किया,  तो उन्हें लगा कि इस सरकार को धूल चटाने का समय आ गया है।

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