Rajya Sabha में पेश हुआ Birth and Death Registration संशोधन विधेयक

सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी संशोधन विधेयक चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। यह विधेयक लोकसभा से पहले ही पारित किया जा चुका है और इसका उद्देश्य विलंब से होने वाले पंजीकरण के प्रावधानों को कड़ा करना है।
नयी दिल्ली, चार अगस्त सरकार ने जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी कानून में संशोधन करने के प्रावधान वाला विधेयक मंगलवार को राज्यसभा में चर्चा एवं पारित करने के लिए पेश किया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा और पारित करने के लिए उप सभापति हरिवंश की अनुमति से पेश किया विपक्षी सदस्य चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। बीते 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दी थी।
इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 13(3) में और संशोधन करना है, ताकि विलंब से होने वाले पंजीकरण के प्रावधानों को और अधिक कड़ा बनाया जा सके। मौजूदा प्रावधानों के तहत यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक वर्ष से अधिक की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अथवा किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होती है। विधेयक में देरी की अवधि के आधार पर दो-स्तरीय मंजूरी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
लोकसभा ने 31 जुलाई को जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी कानून में संशोधन करने के प्रावधान वाले विधेयक को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित कर दिया था।
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