बीजद ने एक विधायक को ‘‘जन विरोधी’’गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 29, 2020   14:52
बीजद ने एक विधायक को ‘‘जन विरोधी’’गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया

सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने गोपालपुर से विधायक प्रदीप पाणिग्रही को ‘‘जन-विरोधी’’ गतिविधियों के आरोप में रविवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

भुवनेश्वर। सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने गोपालपुर से विधायक प्रदीप पाणिग्रही को ‘‘जन-विरोधी’’ गतिविधियों के आरोप में रविवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया। बीजद की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘गोपालपुर से विधायक प्रदीप पाणिग्रही को उनकी जन विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है।’’

इसे भी पढ़ें: ओडिशा में हड़ताल करने पर सरकारी कर्मचारियों को जेल भेजने के प्रावधान वाला विधेयक पारित

पाणिग्रही पूर्व मंत्री हैं और तीन बार विधायक रह चुके हैं। क्षेत्रीय दल के वह ऐसे पहले नेता हैं जिन्हें ‘‘जन विरोधी’’ गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निकाला गया है। हालांकि इससे पहले कई नेताओं को ‘‘पार्टी विरोधी’’ गतिविधियों के आरोपों के चलते निकाला जा चुका है। बीजद की ओर से जारी आधिकारिक आदेश पर महासचिव (मीडिया मामले) मानस रंजन के हस्ताक्षर हैं। इसमें पाणिग्रही के ‘‘जन विरोधी’’ गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई है।

इसे भी पढ़ें: नवीन पटनायक ने इच्छा बांध के शीघ्र निर्माण के लिए हेमंत सोरेन को लिखा पत्र

हालांकि वह किस तरह की गतिविधियों में शामिल थे, इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं कहा गया है। पार्टी की ओर से पाणिग्रही पर की गई कार्रवाई से पहले भ्रष्टाचार रोधी सतर्कता इकाई ने भारतीय वन सेवा के निलंबित अधिकारी अभय कांत पाठक और उनके बेटे आकाश कुमार पाठक के साथ पाणिग्रही के कथित संपर्कों के बारे में पता लगाया था। पाठक और उनका बेटा आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल में बंद हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।