भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कोश्यारी से की मुलाकात, फडणवीस ने उद्धव की चुप्पी पर उठाए सवाल

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अनुराग गुप्ता । Mar 24, 2021 11:21AM
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि वाजे और परमबीर सिंह की चिट्ठी के सिलसिले में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है। फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की चुप्पी पर चिंता जाहिर की और शरद पवार को भी आड़े हाथों लिया।

मुंबई। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के हालातों को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद बदले सियासी माहौल में यह मुलाकात अहम मानी जा रही है। वहीं, मुलाकात के बाद देवेंद्र फडणवीस ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की और ठाकरे सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि वाजे और परमबीर सिंह की चिट्ठी के सिलसिले में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है। फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की चुप्पी पर चिंता जाहिर की और शरद पवार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पवार साहब ने सिर्फ मंत्री को बचाने की कोशिश की है। 

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इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव से मुलाकात की और महाराष्ट्र पुलिस में तबादलों संबंधी कथित भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव ने मुझसे कहा कि वह दस्तावेजों और सबूत की पड़ताल करेंगे तथा केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी जो उचित कार्रवाई करेगी।

अधिकारियों का हुआ तबादला 

वहीं, दूसरी तरफ विवादों में घिरी महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने मुंबई के 86 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जिनमें वह सहायक पुलिस निरीक्षक भी शामिल है जिससे सचिन वाजे मामले में एनआईए ने पूछताछ की थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अपराध खुफिया इकाई में वाजे के सहकमी एपीआई रियाजुद्दीन काजी को स्थानीय हथियार इकाई में भेज दिया गया है, जो कि अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण विभाग है। 

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यह तबादला उस वक्त हुआ है जब महाराष्ट्र सरकार पर ट्रांसफर पोस्टिंग रैकेट का खुलासा हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस रैकेट में सरकार के कई अहम लोग शामिल हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में इन लोगों पर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र में खेला होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार वसूल की, वसूली द्वारा और वसूली के लिए है। वहां जो कुछ भी हो रहा है वह विकास नहीं, वसूली है।

प्रमुख आरोपी है सचिन वाजे 

बीते दिनों एक और जानकारी निकलकर सामने आई। महाराष्ट्र एटीएस ने कहा कि निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में ‘‘प्रमुख आरोपी’’ है और उसकी हिरासत मांगने के लिए यहां एनआईए अदालत से संपर्क किया जाएगा। एटीएस प्रमुख जयजीत सिंह ने कहा कि मामले में और भी लोग गिरफ्तार किए जा सकते हैं। 

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देशमुख ने ठाकरे से की मुलाकात 

वैसे आपको एक बात और बता दें कि आज का दिन महाराष्ट्र की सियासत के लिए काफी खास दिन है। क्योंकि देर रात अनिल देशमुख ने उद्धव ठाकरे के समक्ष अपना पक्ष रखा है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपये की वसूली कराने का आरोप लगाया था, जिसके बाद अब अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अब मंत्रिमंडल की बैठक होने वाली है।

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