Bihar में Deepak Prakash का मंत्री पद बचाने को BJP का 'मास्टरस्ट्रोक', MLC Devesh Kumar का इस्तीफा

Deepak Prakash
ANI
अंकित सिंह । Jul 31 2026 6:13PM

भाजपा ने मंत्री दीपक प्रकाश का पद बचाने के लिए MLC देवेश कुमार से इस्तीफा दिलवाकर एक रणनीतिक राजनीतिक दांव खेला है। सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक चुनौती का सामना कर रहे प्रकाश को अब विधान परिषद में मनोनीत किया जा सकेगा, जिससे उनका मंत्री पद संवैधानिक रूप से बरकरार रहेगा। यह कदम बिहार सरकार के लिए संवैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

बिहार सरकार ने मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद के लिए चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था कि वे बिना विधानमंडल का सदस्य बने राज्य कैबिनेट में कैसे बने रह सकते हैं। खबरों के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत बीजेपी MLC देवेश कुमार ने विधान परिषद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उम्मीद है कि इस खाली सीट से दीपक प्रकाश चुनाव लड़ सकेंगे और अपना मंत्री पद बनाए रख सकेंगे।

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देवेश कुमार के इस्तीफे को सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार द्वारा एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, ताकि दीपक प्रकाश मंत्री पद पर बने रहते हुए विधानमंडल सदस्य बनने की संवैधानिक आवश्यकता को पूरा कर सकें। यह घटनाक्रम गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई उस सुनवाई के बाद सामने आया है, जिसमें दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर बने रहने को चुनौती दी गई थी, जबकि वे न तो विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य थे।

सुनवाई के दौरान, बेंच ने बिहार सरकार से सवाल किया कि कोई मंत्री किसी भी सदन के लिए चुने बिना संविधान में तय समय-सीमा से ज़्यादा समय तक पद पर कैसे बना रह सकता है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला संवैधानिक कानून से जुड़े एक अहम सवाल से जुड़ा है और राज्य सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया। मामले की अहमियत को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 4 अगस्त के लिए तय की है।

दीपक प्रकाश को विधान परिषद में भेजने का सरकार का फ़ैसला, कार्यवाही के दौरान उठी संवैधानिक चिंताओं को दूर करने और साथ ही राज्य कैबिनेट में उनकी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, दीपक प्रकाश को हाल ही में विधान परिषद की 10 सीटों के चुनाव में टिकट नहीं मिला था। ऐसे में संवैधानिक प्रावधानों के तहत उनका मंत्री पद खतरे में पड़ गया था। इस स्थिति से निपटने के लिए भाजपा ने अपने कोटे की एक सीट खाली करने का फैसला किया और देवेश कुमार ने इस्तीफा देकर रास्ता साफ कर दिया।

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देवेश कुमार राज्यपाल द्वारा मनोनीत 12 विधान परिषद सदस्यों में शामिल थे और उनका कार्यकाल मार्च 2027 तक था। अब उनके इस्तीफे से खाली हुई सीट पर राज्यपाल कोटे से दीपक प्रकाश को मनोनीत किए जाने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो वे विधान परिषद के सदस्य बन जाएंगे और उनका मंत्री पद बरकरार रहेगा।

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