UPI शुल्क पर कांग्रेस के दावों को BJP ने बताया फर्जी, कहा ग्राहकों पर नहीं लगेगा MDR चार्ज

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भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ग्राहकों से मर्चेंट डिस्काउंट रेट या कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि 96 प्रतिशत यूपीआई लेनदेन 2000 रुपये या उससे कम के होते हैं जो पूरी तरह निशुल्क हैं। इससे पहले कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर लेनदेन शुल्क लगाने की तैयारी का आरोप लगाया था।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर यूपीआई लेनदेन शुल्क के बारे में ‘‘फर्जी खबर’’ फैलाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि लोगों पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) शुल्क नहीं लगाया जाएगा। यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ, जब कांग्रेस ने यूपीआई लेनदेन पर जारी अधिसूचना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने चुपके से ऐसे लेनदेन पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है और ‘‘अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की तरह ही, कम्प्रोमाइज्ड (समझौता कर चुके) प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव में समर्पण कर रहे हैं।’’ भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए विपक्षी पार्टी को ‘‘झूठ की दुकान’’ कहा।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस एक बार फिर झूठी खबरें फैला रही है। 96 प्रतिशत यूपीआई मर्चेंट (पी2एम) लेनदेन 2,000 रुपये या उससे कम के होते हैं और उन पर कोई शुल्क नहीं लगता। रुपे डेबिट-कार्ड से भुगतान करने पर भी कोई शुल्क नहीं लगता।

ग्राहकों को लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता। ‘पी2पी’ यूपीआई लेनदेन पूरी तरह से निशुल्क है।’’ ‘पी2एम’ लेनदेन एक तरह का डिजिटल भुगतान है और इसके तहत उपयोगकर्ता खुदरा विक्रेता या सेवा प्रदाता को रकम अदा करता है, जबकि ‘पी2पी’ लेनदेन के तहत मोबाइल फोन के जरिये एक व्यक्ति के बैंक खाते से दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसा भेजा जाता है। भंडारी ने कहा, ‘‘सरकार ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि ग्राहकों से एमडीआर शुल्क नहीं लिया जाएगा।’’ सरकार ने बैंकों और भुगतान प्रणाली प्रदाताओं को 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन या रुपे डेबिट कार्ड के जरिये किए गए भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगाने का निर्देश दिया है।

सरकार ने हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया कि 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लागू होगा या नहीं और इसका भुगतान व्यापारियों को करना होगा या नहीं। अभी तक किसी भी राशि पर यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगता। एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, कोई भी बैंक या प्रणाली प्रदाता रुपे डेबिट कार्ड या 2,000 रुपये तक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन के जरिये भुगतान करने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं लगाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर निशाना साधा। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने यूपीआई लेनदेन पर सरकार की अधिसूचना पर सवाल उठाए हैं। खरगे ने कहा कि मोदी सरकार की ‘‘लूट’’ अब यूपीआई तक पहुंच गई है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने ‘‘यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं’’ की व्यवस्था को बदलकर 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क नहीं लगाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।’’ खरगे ने दावा किया कि 5,000 रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10 हजार रुपये के लेनदेन पर 50 रुपये तक की संभावित वसूली की जा सकती है। कांग्रेस के दावों को ‘‘पूरी तरह से झूठा’’ बताते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि ऐसा कोई सरकारी आदेश नहीं है जिसके तहत 5,000 रुपये के भुगतान पर 25 रुपये या 10,000 रुपये के भुगतान पर 50 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा।

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