धर्म की आजादी खत्म करके UCC लागू नहीं हो सकता, Bhopal रैली में बोले Owaisi

owaisi
Ani

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध करते हुए कहा कि धर्म की स्वतंत्रता खत्म करके इसे लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समानता के लिए नहीं बल्कि 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए UCC ला रही है, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लंघन है।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 15 सितंबर को भोपाल पहुंचे। वे यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के विरोध में आयोजित एक जनसभा में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून संविधान के कई प्रावधानों, जैसे अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 का उल्लंघन करेगा। मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 के खिलाफ है, और आप धर्म की स्वतंत्रता को खत्म करके ऐसा कानून लागू नहीं कर सकते। उन्होंने ये बातें तब कहीं जब वे UCC (यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड) का समर्थन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना कर रहे थे।

इसे भी पढ़ें: UCC पर Amit Shah के रुख के साथ टीडीपी, आंध्र प्रदेश इकाई अध्यक्ष ने दिया समर्थन

14 सितंबर को हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि BJP का UCC लाने का मकसद समानता नहीं, बल्कि भारत के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाना है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, आपको यह समझना होगा कि BJP समानता के लिए UCC नहीं ला रही है। उन्होंने अपने राज्यों और सरकारी स्तर पर UCC सिर्फ़ भारत के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लागू किया है; ऐसा करके, BJP और अमित शाह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता), 14 (समानता का अधिकार), 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं। इसलिए, सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि BJP का यह कदम समानता के बारे में नहीं है; यह पूरी तरह से मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए है।

ओवैसी ने भारत में अनेकता (pluralism) के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि मोदी सरकार के तहत बने लॉ कमीशन ने पहले ही यह निष्कर्ष निकाला था कि UCC देश के लिए न तो ज़रूरी है और न ही वांछनीय। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी बात, इस देश की आत्मा और भावना अनेकता ही है। तीसरी बात, अमित शाह, BJP और RSS गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश कर रहे हैं। चौथी बात, खुद मोदी सरकार द्वारा गठित लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि UCC भारत के लिए न तो ज़रूरी है और न ही वांछनीय।

इसे भी पढ़ें: समान नागरिक संहिता पर Omar Abdullah का BJP पर तंज, कहा संख्या बल है तो संसद में लाएं UCC बिल

AIMIM प्रमुख ने अमित शाह, BJP और RSS पर गैर-हिंदू समुदायों पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) का मकसद सभी नागरिकों के लिए—चाहे उनका धर्म कोई भी हो—शादी, तलाक़, विरासत और गोद लेने से जुड़े पर्सनल कानूनों का एक समान सेट लागू करना है। BJP ने इसे अपने कानूनी और सामाजिक सुधार एजेंडे का एक अहम हिस्सा बनाया है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़