वैज्ञानिकों की सराहना में एक शब्द नहीं बोलने को लेकर भाजपा ने राहुल पर साधा निशाना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 16, 2021   19:51
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वैज्ञानिकों की सराहना में एक शब्द नहीं बोलने को लेकर भाजपा ने राहुल पर साधा निशाना

आलोचकों का आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर कहा कि जिन लोगों ने टीकाकरण को लेकर भारत की क्षमता पर सवाल उठाए और गलत धारणाएं फैलाई, उन्हें अपने संदेह का टीकाकरण कराना चाहिए।

नयी दिल्ली। भाजपा नेताओं ने कोविड-19 टीकाकरण के सरकार के प्रयासों पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के सवाल उठाने और टीकाकरण अभियान की शुरुआत के मौके पर वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना में एक भी शब्द नहीं बोलने को लेकर शनिवार को उनपर निशाना साधा। भाजपा नेता अमित मालवीय ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी ने कोविड-19 टीकाकरण को लेकर सरकार के प्रयासों पर सवाल उठाए, लेकिन भारत में बने दो टीकों को मोदी प्रशासन द्वारा मंजूरी देने के बाद आज जब भारत ने सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की तो उनका (राहुल का) एक भी ट्वीट नहीं आया। भारतीय वैज्ञानिकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना में एक शब्द तक नहीं?’’ 

मालवीय ने टीके को लेकर सरकार की आलोचना वाले राहुल गांधी के ट्वीट भी साझा किया। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज कोविड-19 के खिलाफ भारत में विश्‍व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की और देश को आश्वस्त किया कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भारत में बने टीकों के प्रभावों से संतुष्‍ट होने के बाद ही इनके उपयोग की अनुमति दी है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अफवाहों और टीके के बारे में भ्रामक प्रचार से गुमराह न हों। अभियान की शुरुआत से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यही टीके अब भारत को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में ‘‘निर्णायक जीत’’ दिलाएंगे। 

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प्रधानमंत्री ने जनता से आग्रह किया कि जिस तरह धैर्य के साथ उन्होंने कोरोना वायरस का मुकाबला किया, वैसा ही धैर्य अब टीकाकरण के समय भी दिखाना है। गौरतलब है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेशविकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ को देश में सीमित आपात इस्तेमाल के लिये भारत के औषधि नियामक ने हाल ही में मंजूरी दी थी। आलोचकों का आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर कहा कि जिन लोगों ने टीकाकरण को लेकर भारत की क्षमता पर सवाल उठाए और गलत धारणाएं फैलाई, उन्हें अपने संदेह का टीकाकरण कराना चाहिए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


रथों में तोड़फोड़ पर भड़की बीजेपी, कहा- EC को लेना चाहिए संज्ञान

  •  अभिनय आकाश
  •  फरवरी 27, 2021   17:21
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रथों में तोड़फोड़ पर भड़की बीजेपी, कहा- EC को लेना चाहिए संज्ञान

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ को लेकर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार की गतिविधियां चलती रहीं तो लोग निडर होकर वोट नहीं डालेंगे। चुनाव आयोग को इसे संज्ञान में लेना चाहिए।

पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भी वहां हिंसा नहीं थम रही है। बीजेपी की परिवर्तन रथ यात्रा में बीती रात तोड़फोड़ की गई। ये तोड़फोड़ कोलकाला कांदापाड़ा इलाके में हुई है। जिसकी शिकायत बीजेपी नेता ने पुलिस में की है। बीजेपी की ओर से फूलबागान थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। बीजेपी का कहना है कि ये तोड़फोड़ टीएमसी समर्थकों ने की है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने रात में हमला कर पहले रथ के ड्राइवर से मारपीट की और फिर एलईडी स्क्रीन को तोड़ दिया गया। 

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पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ को लेकर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार की गतिविधियां चलती रहीं तो लोग निडर होकर वोट नहीं डालेंगे। चुनाव आयोग को इसे संज्ञान में लेना चाहिए। हमारा प्रतिनिधिमंडल भी आज चुनाव आयोग से मिलने वाला है।

गुंडों ने चुनाव आयोग को दी चुनौती: विजयवर्गीय

इससे पहले विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव तिथि की घोषणा की और टीएमसी के गुंडों ने बिना डर के रात 11 बजे बीजेपी के कारपाड़ा गोदाम में घुसकर एलईडी गाड़ियां फोड़ी और एलईडी भी खोलकर ले गए। शायद गुंडों ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है। 

अमित मालवीय ने साधा निशाना

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने बीजेपी दफ्तर में हुए हमले का एक वीडियो ट्वीट किया और टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा टीएमसी के लोगों ने गोदाम में खड़े बीजेपी के रथों को तोड़ दिया। रथों को नुकसान पहुंचाया और एलईडी चुरा ली। टीएमसी की इस तरह की चुनावी हिंसा से चुनाव आयोग के लिए भी इन चुनावों को करवाना चुनौतीपूर्ण होगा। पश्चिम बंगाल के लोग इसका जवाब देंगे।  





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सीमा पर संघर्ष विराम से जम्मू कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा: सेना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   16:52
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सीमा पर संघर्ष विराम से जम्मू कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा: सेना

उन्होंने कहा कि दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली उत्तरी कमान काफी सतर्क है और सीमा पर चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना करते हुए इसके कर्मियों ने अपनी बहादुरी, धैर्य और दृढ़ संकल्प के जरिये असंभव दिखने वाले काम को भी संभव बनाया है।

उधमपुर (जम्मू कश्मीर)। सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने शनिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम समझौते का कड़ाई से पालन करने पर बनी सहमति से जम्मू कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली उत्तरी कमान काफी सतर्क है और सीमा पर चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना करते हुए इसके कर्मियों ने अपनी बहादुरी, धैर्य और दृढ़ संकल्प के जरिये असंभव दिखने वाले काम को भी संभव बनाया है।

लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने यहां उत्तरी कमान के अलंकरण समारोह में कहा, ‘‘हाल में भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने 24-25 फरवरी की मध्य रात्रि से नियंत्रण रेखा एवं सभी अन्य क्षेत्रों में संघर्ष विराम समझौतों, और आपसी सहमतियों का सख्ती से पालन करने पर सहमति जताई थी। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस संघर्ष विराम का आतंकवाद विरोधी अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और हम अपनी सतर्कता बनाए रखेंगे।’’ समारोह के दौरान सैन्य कमांडर ने देश के प्रति उत्कृष्ट सेवा के लिये 26 इकाइयों के 61 सैन्यकर्मियों को वीरता एवं विशिष्ट सेवा पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने कहा, ‘‘उत्तरी कमान हमेशा हमारे पड़ोसी देशों द्वारा अशांति फैलाने के प्रयासों के खिलाफ एक ढाल की तरह खड़ी रही है और कमान भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेगी। जब भी कोई हमारे देश पर बुरी नजर डालता है, भारतीय सेना ने उसका दृढ़ता से जवाब दिया है।’’ 

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चीन और पाकिस्तान का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने पड़ोसी देशों के साथ अपनी सीमाओं पर अपना प्रभुत्व बनाए रखा है और आंतरिक इलाकों में शांति बनाए रखने में मदद की है। चीनी सेना के साथ पूर्वी लद्दाख में गतिरोध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने 2020 में चुनौतीपूर्ण स्थिति के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बर्फ से ढके पहाड़ों पर चुनौती खड़ी की और सबसे अधिक सतर्कता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि 2020 सेना के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक था, जिसने पूर्वी लद्दाख में अपने धैर्य, दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास, बहादुरी और दृढ़ता के साथ हर चुनौती का मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी तैनाती और तैयारियों में जबरदस्त सुधार हुआ है और इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। कश्मीर के संबंध में उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्थिति में कुल मिलाकर जबरदस्त सुधार हुआ है क्योंकि आतंकवादी घटनाओं, पथराव की गतिविधियों और विरोध प्रदर्शन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने में सेना ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जम्मू में लामबंद हुए G-23 के नेता, कांग्रेस को दिया नसीहतों का डोज

  •  अंकित सिंह
  •  फरवरी 27, 2021   16:37
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जम्मू में लामबंद हुए G-23 के नेता, कांग्रेस को दिया नसीहतों का डोज

कांग्रेस पार्टी को नसीहत देते हुए कद्दावर नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि सच्चाई ये है कि कांग्रेस पार्टी हमें कमजोर होती दिखाई दे रही है और इसलिए हम यहां इकट्ठा हुए हैं। हमें इकट्ठा होकर पार्टी को मजबूत करना है। गांधी जी सच्चाई के रास्ते पर चलते थे, ये सरकार झूठ के रास्ते पर चल रही है।

आलाकमान से टकराव के बीच आज कांग्रेस के असंतुष्ट नेता जम्मू में जुटे। यह जुटान ऐसे समय में हो रहा है आलाकमान से इनकी दूरियां लगातार बढ़ रही है। जुटान में गुलाम नबी आजाद के समर्थन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, राज बब्बर जैसे दिग्गज कांग्रेसी नेता भी शामिल हुए। इस अवसर पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं राज्यसभा से रिटायर हुआ हूं, राजनीति से रिटायर नहीं हुआ और मैं संसद से पहली बार रिटायर नहीं हुआ हूं। जम्मू कश्मीर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज कई बरसों बाद हम राज्य का हिस्सा नहीं हैं, हमारी पहचान खत्म हो गई है। राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए हमारी संसद के अंदर और बाहर लड़ाई जारी रहेगी। जब तब यहां चुने हुए नुमाइंदे मंत्री और मुख्यमंत्री नहीं होंगे बेरोज़गारी, सड़कों और स्कूलों की ये हालत जारी रहेगी।

वहीं कांग्रेस पार्टी को नसीहत देते हुए कद्दावर नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि सच्चाई ये है कि कांग्रेस पार्टी हमें कमजोर होती दिखाई दे रही है और इसलिए हम यहां इकट्ठा हुए हैं। हमें इकट्ठा होकर पार्टी को मजबूत करना है। गांधी जी सच्चाई के रास्ते पर चलते थे, ये सरकार झूठ के रास्ते पर चल रही है। उन्होंने पार्टी को गुलाम नबी आजाद के अनुभव का लाभ उठाने की नसीहत देते हुए कहा कि कहा कि गुलाम नबी आज़ाद साहब की असली भूमिका क्या है? विमान उड़ाने वाला व्यक्ति एक अनुभवी व्यक्ति होता है। एक इंजीनियर इंजन में किसी खराबी का पता लगाने और उसकी मरम्मत करने में उसका साथ देता है। गुलाम नबी जी को अनुभवी और इंजीनियर के रूप में जाना जाता है। वह एक ऐसे नेता हैं जो हर राज्य के हर जिले में कांग्रेस की जमीनी हकीकत जानते हैं। हमें दुख हुआ जब हमें मालूम हुआ कि उन्हें संसद से मुक्त किया जा रहा है। हमने उन्हें दोबारा नहीं भेजा... मैं नहीं समझ रहा कि कांग्रेस अपने अनुभव का उपयोग क्यों नहीं कर रही है। जम्मू में शांति सम्मेलन में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि 1950 के बाद कभी ऐसा अवसर नहीं आया जब राज्य सभा में जम्मू-कश्मीर का कोई प्रतिनिधि न हो। यह दुरुस्त होगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में कांग्रेस कमजोर हुई है। हमारी आवाज पार्टी की बेहतरी के लिए है। इसे एक बार फिर से हर जगह मजबूत किया जाना चाहिए। नई पीढ़ी को (पार्टी से) जुड़ना चाहिए। हमने कांग्रेस के अच्छे दिन देखे हैं। हम बड़े होते हुए इसे कमजोर होते हुए नहीं देखना चाहते। आज हम जहां हैं, वहां पहुंचने के लिए हम सभी ने बहुत लंबी दूरी तय की है। हमारे बीच कोई भी खिड़की से नहीं आया है, हम सभी दरवाजे से चले हैं। हम छात्रों के आंदोलन, युवा आंदोलन के माध्यम से आए हैं। 

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उन्होंने कहा कि मुझे किसी को यह बताने का अधिकार नहीं है कि हम कांग्रेस के लोग हैं या नहीं, किसी को भी यह अधिकार नहीं है। हम कांग्रेस की ताकत और एकता में विश्वास करते हैं। कांग्रेस नेता राज बब्बर ने कहा कि लोग कहते हैं कि 'G23', मैं गांधी 23 कहता हूं। महात्मा गांधी के विश्वास, संकल्प और सोच के साथ, इस देश का कानून और संविधान बना। इन्हें आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस मजबूती से खड़ी है। 'G23' चाहती है कि कांग्रेस मजबूत हो। आज के इस जुटान में सबसे खास बात रही कि इन नेताओं के सिर पर भगवा साफा था। इस मौके पर वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि आजाद उन नेताओं में से हैं जो कांग्रेस को समझते हैं। पार्टी और राष्ट्र दोनों कौन ही इनके दिशा निर्देश और मार्गदर्शन की जरूरत है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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