Marathi Pride Day | भाजपा क्षेत्रीय भाषाओं को खत्म कर हिंदी की सर्वोच्चता थोपना चाहती है, Uddhav Thackeray का बयान

उद्धव ठाकरे मराठी गौरव दिवस के अवसर पर पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि भाजपा की नीति क्षेत्रीय भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों को खत्म करने की है क्योंकि वह हिंदी की सर्वोच्चता स्थापित करना चाहती है।
मराठी गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। ठाकरे ने भाजपा पर 'सांस्कृतिक वर्चस्व' की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी क्षेत्रीय पहचान को मिटाकर हिंदी की सर्वोच्चता स्थापित करने के मिशन पर है।
उद्धव ठाकरे मराठी गौरव दिवस के अवसर पर पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि भाजपा की नीति क्षेत्रीय भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों को खत्म करने की है क्योंकि वह हिंदी की सर्वोच्चता स्थापित करना चाहती है। ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा शिवसेना (उबाठा) को खत्म करना चाहती है क्योंकि वह जानती है कि जब तक यह पार्टी अस्तित्व में है, ‘मराठी मानुष’ गर्व से खड़े रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को एक क्षेत्रीय दल की जरूरत है और वह दल शिवसेना (उबाठा) है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी को लोगों पर थोपा नहीं जाना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी का उपयोग अनिवार्य करने वाली सरकार भी उन्हीं की थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा मराठी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम बाद की सरकारों द्वारा रोक दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि मराठी भवन का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है।
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राजनीतिक गलियारों में हलचल
उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। भाषा और 'मराठी अस्मिता' का कार्ड खेलकर ठाकरे ने न केवल अपने कैडर में जोश भरने की कोशिश की है, बल्कि भाजपा को 'मराठी विरोधी' दिखाने का दांव भी चला है।
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