गहलोत के साथ पायलट की दूरियां समाप्त करने के लिए मंत्रिमंडल का गणित तैयार, शाम तक हो सकते हैं और भी इस्तीफे

प्राप्त जानकारी के मुताबिक गहलोत मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले तीनों मंत्री आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की दिशा पर काम करेंगे। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने बताया कि तीनों मंत्री संगठन में काम करना चाहते हैं।
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में चल रहा विवाद सुलझाने के लिए और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को 'विश्वास' में लेने के लिए पार्टी आलाकमान ने अपने फॉर्मूले के तहत काम करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया। जिसे स्वीकार भी किया जा चुका है। इन मंत्रियों में गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी और रघु शर्मा शामिल हैं। माना जा रहा है कि राजस्थान के लिए रविवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक गहलोत मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले तीनों मंत्री आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की दिशा पर काम करेंगे। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने बताया कि तीनों मंत्री संगठन में काम करना चाहते हैं।
शाम तक हो सकते हैं और भी इस्तीफेइसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom । राजस्थान में बड़े बदलाव की तैयारी, UP में माफियाओं पर चल रहा बुलडोजर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाटलट खेमे के रमेश मीणा, शकुंतला रावत और जाहिदा का नाम सुर्खियों में सबसे आगे है, जिन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। कुछ वक्त पहले पायलट ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए यह साफ कर दिया था कि कार्यकर्ताओं को सम्मान देंगे तो राज्य में कांग्रेस की सरकार बन सकती है। दरअसल, पायलट ने कहा था कि साल 2023 में राजस्थान में विधानसभा का चुनाव है... 22-23 महीने का समय रह गया है। जिस तरह की सतर्कता सोनिया गांधी, राज्य सरकार ने और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने दिखाई है मुझे पूरा विश्वास है अगर हम और कार्यकर्ताओं को मेहनत से मान सम्मान देंगे जनता में जायेंगे तो जब राज्य में चुनाव होंगे तो कांग्रेस की सरकार बन सकती है।
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