गहलोत के साथ पायलट की दूरियां समाप्त करने के लिए मंत्रिमंडल का गणित तैयार, शाम तक हो सकते हैं और भी इस्तीफे

गहलोत के साथ पायलट की दूरियां समाप्त करने के लिए मंत्रिमंडल का गणित तैयार, शाम तक हो सकते हैं और भी इस्तीफे

प्राप्त जानकारी के मुताबिक गहलोत मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले तीनों मंत्री आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की दिशा पर काम करेंगे। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने बताया कि तीनों मंत्री संगठन में काम करना चाहते हैं।

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में चल रहा विवाद सुलझाने के लिए और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को 'विश्वास' में लेने के लिए पार्टी आलाकमान ने अपने फॉर्मूले के तहत काम करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया। जिसे स्वीकार भी किया जा चुका है। इन मंत्रियों में गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी और रघु शर्मा शामिल हैं। माना जा रहा है कि राजस्थान के लिए रविवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। 

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक गहलोत मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले तीनों मंत्री आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की दिशा पर काम करेंगे। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने बताया कि तीनों मंत्री संगठन में काम करना चाहते हैं।

शाम तक हो सकते हैं और भी इस्तीफे

मुख्यमंत्री गहलोत शाम तक राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर सकते हैं। करीब-करीब रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार किया जाना है। ऐसे में राजभवन में शपथग्रहण समारोह भी होगा लेकिन कोरोना महामारी की वजह से यह कार्यक्रम साधारण तरीके से आयोजित किया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गहलोत मंत्रिमंडल के कुछ और मंत्रियों के इस्तीफे शाम तक हो सकते हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने विवाद सुलझाने के लिए और गहलोत-पायलट की दूरियां कम करने के लिए मंत्रिमंडल फेरबदल का फॉर्मूला तैयार किया है। जिसमें पायलट खेमे को तरजीह दी जानी है। ताकि गहलोत और पायलट के बीच की दूरियां कम हो सकें। लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार के बाद क्या दूरियां समाप्त होंगी ? इस पर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी।

गहलोत मंत्रिमंडल के 12 पद हो चुके हैं खाली

साल 2023 में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाला है और गहलोत मंत्रिमंडल के 12 पद खाली हो चुके हैं। जिनमें हाल ही में खाली हुए 3 पद और पायलट खेमे द्वारा खाली किए गए 9 पद शामिल हैं। ऐसे में पार्टी पायलट को तो खुश करना चाह ही रही है, साथ ही निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को भी तरजीह देना चाह रही है। हालांकि सभी विधायकों को संतुष्ठ कर पाना काफी मुश्किल है। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाटलट खेमे के रमेश मीणा, शकुंतला रावत और जाहिदा का नाम सुर्खियों में सबसे आगे है, जिन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। कुछ वक्त पहले पायलट ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए यह साफ कर दिया था कि कार्यकर्ताओं को सम्मान देंगे तो राज्य में कांग्रेस की सरकार बन सकती है। दरअसल, पायलट ने कहा था कि साल 2023 में राजस्थान में विधानसभा का चुनाव है... 22-23 महीने का समय रह गया है। जिस तरह की सतर्कता सोनिया गांधी, राज्य सरकार ने और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने दिखाई है मुझे पूरा विश्वास है अगर हम और कार्यकर्ताओं को मेहनत से मान सम्मान देंगे जनता में जायेंगे तो जब राज्य में चुनाव होंगे तो कांग्रेस की सरकार बन सकती है।





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