Prabhasakshi Exclusive: CDS Anil Chauhan की California में Quad देशों के साथ मीटिंग के बाद China के मन का डर सही साबित हो गया!

CDS Anil Chauhan
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ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) श्री डीएस त्रिपाठी ने कहा कि जहां तक थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे की मिस्र की यात्रा की बात है तो इसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बढ़ाने के लिए इस अरब देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक वार्ता करना है।

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में हमने इस सप्ताह ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) श्री डीएस त्रिपाठी से जानना चाहा कि क्वॉड शिखर सम्मेलन रद्द हो गया है लेकिन हमारे सीडीएस अमेरिका दौरे पर गये तो उन्होंने क्वॉड देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात की। क्या ऐसे में चीन का यह आरोप सही नहीं लगता कि क्वॉड का गठन सैन्य रूप से चीन को घेरने के लिए किया गया है? साथ ही मिस्र की यात्रा पर गये भारतीय सेनाध्यक्ष की यात्रा को आप कैसे देखते हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य प्रमुख के आमंत्रण पर क्वॉड देशों का सैन्य नेतृत्व यदि जुटा है तो रक्षा-सुरक्षा विषयों पर ही बातचीत हुई होगी। वैसे भी क्वॉड देशों को चीन से ही सबसे बड़ा खतरा है इसलिए उससे निबटने की रणनीति बना कर रखना सबके हित में है। 

ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) श्री डीएस त्रिपाठी ने कहा कि जहां तक थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे की मिस्र की यात्रा की बात है तो इसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बढ़ाने के लिए इस अरब देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक वार्ता करना है। सेना ने इस बारे में कहा है कि जनरल पांडे मिस्र के सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ, रक्षा मंत्री और मिस्र के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ के साथ बातचीत करेंगे। भारत मिस्र के साथ रणनीतिक संबंधों का विस्तार करने का इच्छुक है, जिसकी अरब जगत के साथ ही अफ्रीका की राजनीति में प्रमुख भूमिका है। इसे अफ्रीका और यूरोप के बाजारों के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में भी देखा जाता है। उन्होंने कहा कि सेना ने कहा है कि थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) मिस्र की यात्रा पर रवाना हुए हैं। यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख देश के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जिसमें वह भारत-मिस्र रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। सेना ने कहा कि सेना प्रमुख मिस्र के सशस्त्र बलों के विभिन्न प्रतिष्ठानों का भी दौरा करेंगे और पारस्परिक हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। भारत और मिस्र के सैन्य संबंध और प्रगाढ़ हो रहे हैं और यह 74वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान स्पष्ट हुआ, जिसमें मिस्र के सशस्त्र बलों की टुकड़ी पहली बार शामिल हुई। इस साल गणतंत्र दिवस परेड में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देह फतह अल-सिसी मुख्य अतिथि थे। 

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उन्होंने कहा कि हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भारत और मिस्र की सेनाओं ने इस साल जनवरी में अब तक का पहला संयुक्त अभ्यास किया था। सेना ने कहा है कि सीओएएस की यात्रा दोनों सेनाओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करेगी और रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच घनिष्ठ समन्वय और सहयोग के लिए एक उत्प्रेरक का कार्य करेगी। हमें यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि मिस्र पहले ही भारत से तेजस हल्के लड़ाकू विमान, रडार, सैन्य हेलीकॉप्टर और अन्य प्लेटफॉर्म खरीदने में दिलचस्पी दिखा चुका है। इसके अलावा, पिछले साल जुलाई में, भारतीय वायुसेना ने मिस्र में तीन सुखोई-30 एमकेआई जेट और दो जी-17 परिवहन विमान के साथ एक महीने के सामरिक नेतृत्व कार्यक्रम में भाग लिया। सितंबर में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिस्र की तीन दिवसीय यात्रा की थी।

ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) श्री डीएस त्रिपाठी ने कहा कि जहां तक क्वॉड शिखर सम्मेलन रद्द होने की बात है तो आपको बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने देश को गंभीर आर्थिक संकट से बचाने पर ध्यान केंद्रित करने के मकसद से अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा को स्थगित कर दिया है और इसलिए सिडनी में प्रस्तावित क्वाड देशों के नेताओं की बैठक रद्द कर दी गई है। बाइडन पापुआ न्यू गिनी के साथ ही ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर जाने वाले थे। बाइडन को देश के इतिहास में पहली बार अमेरिका को ऋण अदायगी से चूकने से बचाने के लिए विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के साथ गहन चर्चा करने की जरूरत है और इसीलिए उन्होंने अपनी आस्ट्रेलिया यात्रा को स्थगित करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया में बाइडन क्वाड नेताओं की तीसरी प्रत्यक्ष बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ हिस्सा लेने वाले थे। हालांकि बाइडन जी-7 नेताओं की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जापान के हिरोशिमा पहुँचे हैं जहां उनकी क्वॉड देशों के प्रमुखों के साथ बातचीत होगी।

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