बिहार चुनाव को लेकर फुल एक्टिव मोड में CM, विपक्ष से लड़ाई के लिए 1 अणे मार्ग पर नीतीश की पाठशाला

बिहार चुनाव को लेकर फुल एक्टिव मोड में CM, विपक्ष से लड़ाई के लिए 1 अणे मार्ग पर नीतीश की पाठशाला

28 जनवरी को एक अणे मार्ग में नीतीश कुमार पार्टी के पदाधिकारियों को विधायकों को, सांसदों को राजनीति के टिप्स देंगे। सीएम नीतीश ने सभी एमएलसी से लेकर सांसद, विधायकों को अपने आवास पर बुलाया है। माना जा रहा है कि सीएम की क्लास में नीतीश उनको 2020 के विधानसभा चुनाव के लिहाजे से राजनीति की टिप्स देंगे।

बिहार में ये चुनावी साल है और इस साल के आखिरी में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। सत्ताधारी जेडीयू के अंदरखाने चुनाव को लेकर हलचल ज्यादा दिख रही है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जेडीयू ने कई कार्यक्रम रखें हैं। सांगठनिक मजबूती से लेकर अपने कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग को लेकर जेडीयू ने कई पहल शुरू किए। इसी कड़ी में जेडीयू के प्रशिक्षण शिविर के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सांसदों और विधायकों की क्लास लेने वाले हैं। सीएम की पाठशाला लगेगी जिसमें नीतीश अपने विधायकों और सांसदों को ट्रेनिंग और राजनीति के टिप्स देंगे। ट्रेनिंग में उनको बताया जाएगा कि किस तरह से उनकों चुनाव में रणनीति तय करनी है। 

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दरअसल, 22 जनवरी और 23 जनवरी को जेडीयू का प्रशिक्षण शिविर राजगीर में चल रहा है। लेकिन अपनी राजनीतिक व्यस्तता की वजह से नीतीश इसमें शामिल नहीं होंगे। हालांकि केसी त्यागी, वशिष्ठ नारायण सिंह और आरसीपी सिंह समेत सभापति हरिवंश इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। लेकिन ये ट्रेनिंग तो शुरूआत है 28 जनवरी को एक अणे मार्ग में नीतीश कुमार पार्टी के पदाधिकारियों को विधायकों को, सांसदों को राजनीति के टिप्स देंगे। सीएम नीतीश ने सभी एमएलसी से लेकर सांसद, विधायकों को अपने आवास पर बुलाया है। माना जा रहा है कि सीएम की क्लास में नीतीश उनको 2020 के विधानसभा चुनाव के लिहाजे से राजनीति की टिप्स देंगे कि किस तरह से विपक्ष का मुंह बंद करना है और जनता के बीच जाना है। जिला से लेकर बूथ और ब्लॉक लेवल पर पार्टी को मजबूत कर लोगों को बताना है कि नीतीश सरकार विकास की सरकार रही है। साथ ही कैसे लोगों को ये समझाना है कि बिहार में राजद को वोट नहीं करना है। बेरोजगारी से लेकर अपराध जैसे मुद्दों और जल जीवन हरियाली कार्यक्रम यानी जिसके जरिए मानव श्रृंखला बनाकर नीतीश इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने की कवायद में लगे हैं। लेकिन विपक्ष मानव श्रृंखला की खामियों को निकालने में लगा है। इन सभी बातों के मद्देनजर सीएम नीतीश अपने नेताओं को ये बताएंगे की किस तरह से खुद को मजबूत रखना है। 

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 गौरतलब है कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के तौर पर 15 साल पूरा होने जा रहा है। मौके की नजाकत को देखते हुए तेजस्वी यादव ने पोस्टर वार शुरू कर दिया है - 15 साल बनाम 15 साल। पोस्टर के जरिये राजद का कहना है कि हिसाब लीजिए भी और दीजिये भी। वैसे तो जेडीयू दिल्ली का भी विधानसभा चुनाव लड़ रही है। दिल्ली में भाजपा पहली बार जनता दल यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के साथ गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ रही है। भाजपा 67 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि जदयू दो व लोजपा को एक सीट मिली है। भाजपा के बड़े नेताओं के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान व लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान सहित अन्य नेता गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव में प्रचार करते नजर आएंगे।  





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