मुख्यमंत्री ने यूक्रेन में फंसे हिमाचलियों की सुरक्षा का मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष रखा

मुख्यमंत्री ने यूक्रेन में फंसे हिमाचलियों की सुरक्षा का मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष रखा

यूक्रेन पर हमले के बाद वहां अलग- अलग शहरों की यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे हिमाचल विद्यार्थी फंस गए हैं। सभी में डर का माहौल है। परिजन उन्हें फोन कर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। विद्यार्थी उन्हें सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं। जो विद्यार्थी अभी वहां से नहीं निकल पाए हैं, वे हॉस्टल व घरों में छिपे हुए हैं। इन्हें बाहर निकलने को मना किया गया है।

शिमला ।  मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से रूस और यूक्रेन के मध्य संघर्ष के कारण यूक्रेन में फंसे प्रदेश के लोगों को सुरक्षित वापिस लाने के लिए आवश्यक उपाय करने का आग्रह किया।

इस सम्बन्ध में केन्द्रीय विदेश मंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रारम्भिक सूचना के अनुसार यूक्रेन में हिमाचल प्रदेश के 130 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यूक्रेन में फंसे राज्य के लोगों की सुरक्षा के लिए चिंतित है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में प्रदेश के मुख्य सचिव पहले से ही विदेश सचिव के सम्पर्क में हैं।

जय राम ठाकुर ने मंत्रालय द्वारा यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए यूक्रेन के साथ-साथ नई दिल्ली में हेल्पलाइन स्थापित करने के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की। प्रदेश सरकार ने यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों और अन्य लोगों के परिजनों से मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर संपर्क करने के लिए कहा है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यूक्रेन में फंसे हिमाचल के नागरिकों को वापस लाने के लिए सरकार विदेश मंत्रालय के साथ निरंतर संपर्क में है। 

 

इसे भी पढ़ें: राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पद्मश्री विद्यानंद सरैक को किया सम्मानित

 

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद हिमाचल प्रदेश में भी हड़कंप मच गया है। हिमाचल प्रदेश के 130 से ज्यादा विद्यार्थी और अन्य लोग यूक्रेन में फंसे हुए हैं। यूक्रेन में फंसे ज्यादातर विद्यार्थी एमबीबीएस कर रहे हैं। यूक्रेन पर दागी गईं रूस की मिसाइलों के धमाकों के बाद से प्रदेश में विद्यार्थियों के अभिभावक चिंतित हैं। कोई फोन तो कोई व्हाट्सएप कॉल कर अपने बच्चों और वहां फंसे अपने परिवार वालों का हालचाल पूछ रहा है। ज्यादातर बच्चे यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में फंसे हैं। कुछ के शुक्रवार को भारत आने के हवाई टिकट कंफर्म हो चुके हैं, लेकिन उन्हें चिंता सता रही है कि वे समय पर सुरक्षित हवाई अड्डे पर पहुंच पाएंगे या नहीं। अभी तक की जानकारी के अनुसार ऊना के 26, मंडी के 23, हमीरपुर के 20, बिलासपुर के 18, सोलन के 16, कुल्लू के 8, चंबा के 7, कांगड़ा-सिरमौर के 3-3 और एक व्यक्ति शिमला का यूक्रेन में फंसा है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...