जल्द लागू हो सकता है भोपाल - इंदौर में कमिश्नर सिस्टम, राज्य प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन ने जताया विरोध

जल्द लागू हो सकता है भोपाल - इंदौर में कमिश्नर सिस्टम, राज्य प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन ने जताया विरोध

बुधवार को गृह विभाग के अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर के अधिकारों और उनके प्रभाव के साथ तकरीबन फाइनल कर दिया। मुख्यमंत्री से इस बारे में बुधवार को ही चर्चा होनी थी, लेकिन अब यह चर्चा गुरुवार को संभावित है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में होने वाले पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लेकर गृह विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। बुधवार को गृह विभाग के अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर के अधिकारों और उनके प्रभाव के साथ तकरीबन फाइनल कर दिया। मुख्यमंत्री से इस बारे में बुधवार को ही चर्चा होनी थी, लेकिन अब यह चर्चा गुरुवार को संभावित है।

इसे भी पढ़ें:RSS प्रमुख का MP दौरा, ग्वालियर में होने वाले 4 दिवसीय शिविर में रहेंगे शामिल 

वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम नवंबर के अंत तक लागू कर दिया जाएगा। विधि विभाग और वित्त की अनुमति का इंतजार है। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि इस सिस्टम में दोनों बड़े शहरों के तमाम थाने आएंगे।

इसी कड़ी में प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि इंदौर और भोपाल में इस प्रणाली के परिणाम देेखेंगे कि अपराधों पर अंकुश लगता है या नहीं। अगर परिणाम ठीक आएंगे तो अन्य शहरों में भी लागू करेंगे।

इसे भी पढ़ें:दिल्‍ली के आर के पुरम में जहरीली गैस फैलने से दहशत, 12 लोग अस्पताल में भर्ती 

आपको बता दें कि राज्य प्रशासनिक सेवा एसो. ने पुलिस कमिश्नर सिस्टम का विरोध कर दिया है। महासचिव मल्लिका निगम नागर ने कहा कि वर्तमान में ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि पुलिस और प्रशासन में तालमेल में कोई कमी हो। एनएसए, जिलाबदर या इस तरह के अन्य मामले बातचीत से सुलझाए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि अगर कानून व्यवस्था में कोई अड़चन होती तो बात अलग थी। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर और आईएएस अफसरों से जिन अधिकारों को वापस लिए जाने की बात हो रही है। उस संबंध में उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि संघ का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखेगा।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।