असम : ‘ भड़काऊ’ टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस विधायक हिरासत में

Congress MLA
प्रतिरूप फोटो
ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन (आसू), भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) सहित कई संगठनों ने राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक शेरमन अली अहमद के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

असम के दरांग जिले में हाल में अवैध कब्जा खाली कराए जाने का संदर्भ देते हुए कथित तौर ‘भड़काऊ’ टिप्पणी करने के आरोप में राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक शेरमन अली अहमद को शनिवार को हिरासत में लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि अहमद को दिसपुर स्थित विधायक क्वार्टर से हिरासत में लेकर पानबाजार पुलिस थाना पूछताछ के लिए लाया गया। उन्होंने कहा,‘‘हमने पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया है। उनकी गिरफ्तारी का कोई भी फैसला उचित समय पर लिया जाएगा।’’

इसे भी पढ़ें: असम में एक्सप्रेस राजमार्ग बनाने को लेकर व्यावहारिकता का अबतक अध्ययन नहीं किया गया : सरमा

उल्लेखनीय है कि ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन (आसू), भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) सहित कई संगठनों ने विधायक के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी राज्य में उपचुनाव से पहले विधायक द्वारा की गई ‘सांप्रदायिक रूप से उत्तेजक’ टिप्पणी के लिए शुक्रवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन में उनसे जवाब तलब किया है।

अहमद ने भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं के आरोपों कि दरांग जिले के सिपाझार में वर्ष 1983 के छह वर्षीय असम आंदोलन के दौरान भी कथित अतिक्रमणकारियों ने आठ लोगों की ‘हत्या’ की थीपर प्रतिक्रिया देते हुए कथित तौर पर ‘सांप्रदायिक’ टिप्णी की थी।

विधायक ने दावा किया था कि आंदोलन के दौरान जो आठ लोग मारे गए थे वे ‘‘ वे शहीद नहीं थे बल्कि हत्यारे’ थे और सिपाझार इलाके में अन्य के साथ अल्पसंख्यकों के संहार में शामिल थे।

इसी इलाके में गोरुखुटी है। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने हत्याओं को न्यायोचित ठहराते हुए कथित तौर पर कहा था कि ये हत्याएं इलाके की मुस्लिम आबादी ने ‘आत्मरक्षा’ में किया था।

वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल असम गण परिषद ने डिब्रूगढ़, बारपेटा, मंगलदोई, धेमाजी, तेजपुर, विश्वनाथ, नलबाड़ी, बोगाईगांव, माजुली और मोरीगांव सहित कई इलाकों में प्रदर्शन किया और विधायक का पुतला फूंका।

इसे भी पढ़ें: असम में सरकारी नौकरी पाने के लिए एससी,एसटी, आदिवासी को दो बच्चों के नियम से छूट दी गई

गौरतलब है कि पिछले महीने दरांग जिले में अवैध कब्जा हटाने का अभियान पहले दिन शांतिपूर्ण रहा लेकिन दूसरे दिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद पुलिस द्वारा चलाई गोली में 12 साल के लड़के सहित दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि पुलिसकर्मियों सहित करीब 20 लोग घायल हुए थे।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़