महंगाई, जीएसटी, बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, नाना पटोले बोले- हम संघर्ष करते रहेंगे

nana patole arrest
पटोले ने कहा कि कांग्रेस ने जब लोगों के इन सवालों के जवाब के लिए राजभवन को घेरने का ऐलान किया तो राज्य की ईडी सरकार ने गुरुवार की रात से ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया।

जब देश की जनता बेतहाशा महंगाई से जूझ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लगाकर गरीबों के मुंह से निवाला छीनने की कोशिश कर रही है।हालांकि  हैरत की बात यह है कि केंद्र सरकार को  महंगाई नजर नहीं आ रही है। केंद्र की मोदी सरकार पर यह हमला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने किया है। वे, शुक्रवार को मुंबई में महंगाई, जीएसटी, बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस द्वारा आयोजित राज्यव्यापी आंदोलन के मौके पर बोल रहे थे।  उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के इस दौर में केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना द्वारा युवाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया गया है। पटोले ने कहा कि कांग्रेस ने जब लोगों के इन सवालों के जवाब के लिए राजभवन को घेरने का ऐलान किया तो राज्य की ईडी सरकार ने गुरुवार की रात से ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। वहीं बाकी कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वे शुक्रवार को विधान भवन से विरोध प्रदर्शन के लिए निकल रहे थे। पटोले ने कहा कि ईडी सरकार अपनी ताकत के बल पर कांग्रेस के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की है, लेकिन हम इस तरह की कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं।हम  लोगों के मुद्दों को लेकर आगे भी  संघर्ष करते रहेंगे।

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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के नेतृत्व में शुक्रवार को राजभवन घेराव और जेलभरो आंदोलन का आवाहन किया गया था, लेकिन पुलिस ने मुंबई के विभिन्न हिस्सों से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गुरुवार रात से ही कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया था।  मुंबई और उसके आसपास से 10 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, बालासाहेब थोरात, अशोक चव्हाण, वर्षा गायकवाड़, पूर्व मंत्री राज्य कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रकांत हंडोरे, नसीम खान, विधायक अमर राजुरकर, वजाहत मिर्जा, अभिजीत वंजारी प्रदेश महासचिव देवानंद पवार, प्रमोद मोरे को विधान भवन परिसर में ही गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे राजभवन घेराव  के लिए निकल रहे थे। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व प्रदेश  अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे, पूर्व मंत्री डॉ. नितिन राउत, असलम शेख, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप, मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे , महासचिव राजेश शर्मा को मलबार हिल परिसर में गिरफ्तार किया गया।

आंदोलन के बाद गांधी भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में नाना पटोले ने कहा कि जब कांग्रेस पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर रही थी, उस समय दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा प्रियंका गांधी के साथ किया गया व्यवहार अत्यंत आपत्तिजनक और निंदनीय है। भाजपा सरकार के इस राजनीतिक अत्याचार का कांग्रेस पार्टी कड़ा विरोध करती है । पटोले ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों के सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार को लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

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आंदोलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात ने कहा कि  ब्रिटिश शासन के दौरान भी आंदोलन संभव था। लेकिन अब जबकि देश में लोकतंत्र  हैं लेकिन राज्य सरकार लोगों को इस मुद्दे पर आंदोलन करने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि  केंद्र सरकार ने बच्चों के दूध के अलावा नमक और आटे जैसी आवश्यक वस्तुओं पर भी जीएसटी लगा दिया है।  थोरात ने कहा कि सरकार महंगाई के मुद्दे पर जवाब नहीं देना चाहती है. उन्होंने पूछा कि क्या ईडी सरकार के राज में आंदोलन पर भी प्रतिबंध है। शुक्रवार को महाराष्ट्र कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी, अग्निपथ योजना, किसानों के मुद्दों पर पूरे राज्य में आंदोलन किया और केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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