कोरोना के मामले 11 दिन में हो रहे हैं दोगुने, मृत्युदर 3.2 प्रतिशत: स्वास्थ्य मंत्रालय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 30, 2020   17:37
कोरोना के मामले 11 दिन में हो रहे हैं दोगुने, मृत्युदर 3.2 प्रतिशत: स्वास्थ्य मंत्रालय

अगर हम आयु के आधार पर संख्या को विभाजित करें तो मौत के 14 प्रतिशत मामले 45 साल की आयु से कम के हैं, 34.8 प्रतिशत मामले 45-60 साल की आयुवर्ग के रोगियों के हैं और 51.2 प्रतिशत मृत्यु के मामले 60 साल से अधिक आयु के लोगों के हैं।

नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 के मामले दुगने होने की दर 11 दिन हो गई है। लॉकडाउन शुरू होने से पहले यह दर 3.4 दिन थी। वहीं संक्रमण से मृत्यु के मामलों की दर 3.2 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और पंजाब में मामलों की संख्या दोगुनी होने की दर 11-20 दिन है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, लद्दाख, हरियाणा, उत्तराखंड और केरल में मामलों की संख्या 20 से 40 दिन में दोगुनी हो रही है।

अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 1,718 नये मामले सामने आए हैं और देश में अब तक संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 33,050 पर पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर 3.2 प्रतिशत है जहां मृतकों में 65 प्रतिशत पुरुष और 35 फीसद महिलाएं हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर हम आयु के आधार पर संख्या को विभाजित करें तो मौत के 14 प्रतिशत मामले 45 साल की आयु से कम के हैं, 34.8 प्रतिशत मामले 45-60 साल की आयुवर्ग के रोगियों के हैं और 51.2 प्रतिशत मृत्यु के मामले 60 साल से अधिक आयु के लोगों के हैं।’’ 

इसे भी पढ़ें: दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूर-छात्र जा सकेंगे अपने घर, गृह मंत्रालय ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 से रोगियों के उबरने की दर भी सुधरी है और पिछले 14 दिन में यह 13.06 प्रतिशत से 25 फीसदी से अधिक हो गयी है। उन्होंने बताया, ‘‘8,324 रोगी अब तक ठीक हो चुके हैं जो रोगियों के कुल मामलों का 25.19 प्रतिशत है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।