कोविशील्ड, कोवैक्सीन की प्रत्येक खुराक की कीमत 275 रुपये तक सीमित रखने की संभावना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2022   17:14
कोविशील्ड, कोवैक्सीन की प्रत्येक खुराक की कीमत 275 रुपये तक सीमित रखने की संभावना

कोविड-रोधी टीके कोविशील्ड और कोवैक्सीन की कीमत प्रति खुराक 275 रुपये और अतिरिक्त सेवा शुल्क 150 रुपये तक सीमित रखने की संभावना है। दोनों टीकों को जल्द ही भारत के औषधि नियामक से बाजार में उतारने के लिए मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

नयी दिल्ली। कोविड-रोधी टीके कोविशील्ड और कोवैक्सीन की कीमत प्रति खुराक 275 रुपये और अतिरिक्त सेवा शुल्क 150 रुपये तक सीमित रखने की संभावना है। दोनों टीकों को जल्द ही भारत के औषधि नियामक से बाजार में उतारने के लिए मंजूरी मिलने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) को टीकों को किफायती बनाने के लिए कीमत को सीमित रखने की दिशा में काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

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अभी तक, कोवैक्सीन की कीमत 1,200 रुपये प्रति खुराक है, जबकि कोविशील्ड की एक खुराक की कीमत निजी अस्पतालों में 780 रुपये है। कीमतों में 150 रुपये का सेवा शुल्क भी शामिल है। फिलहाल दोनों टीके देश में केवल आपातकालीन उपयोग के लिए अधिकृत हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने 19 जनवरी को कुछ शर्तों के साथ वयस्क आबादी के बीच उपयोग के लिए कोविड रोधी टीकों कोविशील्ड और कोवैक्सीन को नियमित रूप से बाजार में उतारने की मंजूरी देने की सिफारिश की।

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एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘एनपीपीए को टीकों की कीमत सीमित रखने की दिशा में काम करने को कहा गया है। कीमत 275 रुपये प्रति खुराक और 150 रुपये के अतिरिक्त सेवा शुल्क के साथ मूल्य को सीमित रखे जाने की संभावना है।’’ सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के निदेशक (सरकार और नियामक मामले) प्रकाश कुमार सिंह ने 25 अक्टूबर को भारत के औषधि महानियंत्रक को एक आवेदन जमा किया था, जिसमें कोविशील्ड टीके को बाजार में उतारने की मंजूरी मांगी गई थी।

कुछ सप्ताह पहले भारत बायोटेक के पूर्णकालिक निदेशक वी कृष्ण मोहन ने कोवैक्सीन के लिए नियमित मंजूरी की मांग करते हुए क्लीनिक ​​डेटा के साथ-साथ रसायन विज्ञान, निर्माण और नियंत्रण संबंधी पूरी जानकारी प्रस्तुत की। कोवैक्सीन और कोविशील्ड को पिछले साल तीन जनवरी को आपातकालीन उपयोग मंजूरी (ईयूए) दी गई थी।





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