CPI M नेताओं ने AN Shamseer पर टिप्पणी करने पर Vellappally Natesan को आड़े हाथ लिया

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केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ए एन शमशीर के खिलाफ बयानबाजी करने पर एसएनडीपी योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन के रुख को पूरी तरह बेतुका और निंदनीय बताया है। पिनराई विजयन और पार्टी के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने स्पष्ट किया कि माकपा में कोई भी नेता शॉर्टकट से नहीं बनता और नटेसन को किसी की पहचान तय करने का कोई अधिकार नहीं है।

विपक्ष के नेता पिनराई विजयन समेत मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने पार्टी नेता एवं केरलम विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ए एन शमशीर के खिलाफ टिप्पणी को लेकर एसएनडीपी योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन की शनिवार को आलोचना की। श्री नारायण धर्म परिपालन (एसएनडीपी) योगम के महासचिव नटेसन ने शुक्रवार को अलप्पुझा में एक कार्यक्रम के दौरान शमशीर की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शमशीर ‘‘सच्चे कम्युनिस्ट’’ नहीं हैं, बल्कि उनकी सोच इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) जैसी है।

नटेसन ने कहा था कि विजयन जैसे वरिष्ठ नेताओं ने वर्षों के संघर्ष और त्याग के बाद अपना वर्तमान मुकाम हासिल किया है, जबकि शमशीर ने बिना किसी तरह के संघर्ष के नेतृत्व में जगह बना ली। इसके जवाब में, शमशीर ने नटेसन का नाम लिये बिना फेसबुक पर संत-समाज सुधारक श्री नारायण गुरु की एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा, ‘‘असमानता और अज्ञानता मानवता के सबसे बड़े शत्रु हैं।” त्रिशूर में संवाददाता सम्मेलन में विजयन ने कहा कि नटेसन की टिप्पणी ‘‘पूरी तरह बेतुकी’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘माकपा में कोई भी ‘शॉर्टकट’ के जरिए नेता नहीं बनता।

कोई व्यक्ति वर्षों तक संगठन में काम करने के बाद ही अपनी पहचान बनाकर नेता बनता है।” उन्होंने कहा कि पार्टी ने ऐसी टिप्पणियों को खारिज कर दिया है। माकपा के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि नटेसन को यह तय करने की जरूरत नहीं है कि शमशीर कौन हैं या उनकी क्या पहचान है। यह पूछे जाने पर कि क्या माकपा नटेसन के प्रति अपना रुख बदल रही है, गोविंदन ने कहा कि पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और उसने ऐसे मामलों पर स्पष्ट एवं दृढ़ रुख अपनाया है।

माकपा की कन्नूर जिला इकाई के सचिव के. के. रागेश ने ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि ऐसा लगता है कि नटेसन को विश्वास है कि पूरा समुदाय उनके कहे अनुसार सोचता और कार्य करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नटेसन की टिप्पणियां अक्सर सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाली होती हैं। रागेश ने आरोप लगाया कि शमशीर के खिलाफ नटेसन की टिप्पणी उनकी ‘‘सांप्रदायिक नफरत’’ से प्रेरित है।

उन्होंने कहा कि माकपा नेता शमशीर ने राजनीतिक जीवन में हिंदू और मुस्लिम दोनों सांप्रदायिक ताकतों के हमलों का सामना किया है। उन्होंने कहा, ‘‘शमशीर छात्र आंदोलन के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल हुए और वह थालास्सेरी से दो बार विधायक चुने गए। उन्होंने विजयन के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार में विधानसभा अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था।’’ रागेश ने शमशीर के खिलाफ नटेसन के रुख को ‘‘निंदनीय’’ बताते हुए पार्टी नेताओं के खिलाफ लगाए जा रहे निराधार आरोपों और ‘‘दुष्प्रचार’’ के विरोध में व्यापक जन आंदोलन का आह्वान किया।

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