केरल में UDF सरकार पर BJP से साठगांठ का आरोप, CPM नेता MV Govindan ने साधा निशाना

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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के केरल प्रदेश सचिव एम. वी. गोविंदन ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य की यूडीएफ सरकार अपने सहयोगियों को दरकिनार कर भाजपा से सलाह लेकर फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस एसएफआई और डीवाईएफआई पर सख्त धाराएं लगा रही है, जबकि युवा मोर्चा और एबीवीपी के खिलाफ नरमी बरती जा रही है। वहीं कांग्रेस नेता सनी जोसेफ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पुलिस कार्रवाई को जायज ठहराया है।

पलक्कड़ (केरलम), पांच अक्टूबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केरल इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने घुटने टेक दिए हैं और वह अपने गठबंधन सहयोगियों से चर्चा करने के बजाय भाजपा से चर्चा के बाद फैसले ले रही है। गोविंदन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है क्योंकि पुलिस उनके नेताओं को निशाना बना रही है और उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘दूसरी ओर, युवा मोर्चा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ ऐसे कड़े प्रावधान नहीं लगाए जा रहे हैं।

इससे भाजपा के साथ हुए समझौते का पता चलता है।’’ एसएफआई और डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि इन दोनों संगठनों से जुड़े लोगों ने माकपा नेतृत्व के समर्थन से हमले किए। उन्होंने कहा, ‘‘यह माकपा नेतृत्व के समर्थन से पुलिस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला है। माकपा के जिला सचिव और विधायक वी. जॉय ने खुद कहा था कि वे पुलिस को नहीं छोड़ेंगे।

जब नेतृत्व ही इस तरह से कानून को चुनौती देता है और उसे समर्थन तथा बढ़ावा देता है, तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।’’ जोसेफ ने कहा कि गृह मंत्री रमेश चेन्निथला पहले ही साफ कर चुके हैं कि ऐसी धमकियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं है कि सरकार उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी जो खुलेआम कानून को चुनौती देते हैं।’’ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर निशाना साधते हुए गोविंदन ने यह भी कहा कि पहले से ही ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि सरकार गठबंधन या कांग्रेस से चर्चा किए बिना फैसले ले रही है। गोविंदन का यह बयान यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश के उस हालिया दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार के अहम फैसले सहयोगियों से सलाह-मशविरा किए बिना लिए जा रहे हैं।

कांग्रेस सांसद प्रकाश ने पिछले हफ्ते संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि अहम फैसले बिना सलाह-मशविरे के लिये जा रहे हैं, यूडीएफ की बैठकें नहीं बुलाई जा रही हैं और उन्हें अहम घटनाक्रमों के बारे में मीडिया के माध्यम से जानकारी मिल रही है। यूडीएफ संयोजक के बयान का हवाला देते हुए माकपा के प्रदेश सचिव ने आरोप लगाया, ‘‘चर्चा केवल भाजपा के साथ हो रही है। वी. डी. सतीशन सरकार ने भाजपा के सामने घुटने टेक दिये हैं।’’ गोविंदन ने यह भी कहा कि पार्टी नेता ई. एन. सुरेश बाबू ने व्यक्तिगत कारणों से खुद पलक्कड़ जिला सचिव के पद से इस्तीफा दिया है और पार्टी ने उन्हें पद से नहीं हटाया है।

माकपा के प्रदेश सचिव ने बाबू के खिलाफ कोई शिकायत मिलने की बात से भी इनकार किया है।

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