मध्य प्रदेश के रतलाम में बाप-बेटी और माँ के शव मिले, हत्या की आशंका

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 26, 2020   19:41
  • Like
मध्य प्रदेश के रतलाम में बाप-बेटी और माँ के शव मिले, हत्या की आशंका

सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच में जुटी है। तीनों की गोली मारकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।ह

रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत जवाहर नगर मुक्तिधाम के पास राजीव नगर में स्थित एक तीन मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित घर में गुरुवार सुबह तीन लोगों के शव बरामद हुए हैं। इनमें मां-बाप और उनकी 21 वर्षीय बेटी शामिल है। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच में जुटी है। तीनों की गोली मारकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

इसे भी पढ़ें: संविधान दिवस पर आमजन के साथ बैठकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सुना संबोधन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

जानकारी के अनुसार, राजीव नगर निवासी 50 वर्षीय गोविंद सिंह सोलंकी नगर के स्टेशन रोड पर हेयर सैलून की दुकान चलाते थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह उनके एक परिचित ने उन्हें फोन किया और रिसीव नहीं हुआ तो वे उनके घर पहुंच गए और दरवाजा खोलकर देखा तो घर के अंदर गोविंद सिंह सोलंकी, उनकी 45 वर्षीय पत्नी शारदा और 21 वर्षीय बेटी दिव्या के शव पड़े हुए थे। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसपी गौरव तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच में जुट गए। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


तृणमूल कांग्रेस को अलविदा कहने की लगी होड़ ! अब 5 विधायकों ने ली भाजपा की सदस्यता

  •  अनुराग गुप्ता
  •  मार्च 8, 2021   17:46
  • Like
तृणमूल कांग्रेस को अलविदा कहने की लगी होड़ ! अब 5 विधायकों ने ली भाजपा की सदस्यता

तृणमूल विधायक सोनाली गुहा, दीपेंदु बिस्वास, रवींद्रनाथ भट्टाचार्य, जटू लहिरी और सरला मुर्मू ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इन नेताओं में सबसे चौंका देने वाला नाम सरला मुर्मू का है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की छड़ी लगी हुई है। तृणमूल कांग्रेस विधायक सोनाली गुहा समेत पांच विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। बता दें कि इन नेताओं को प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोष, नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे शुभेंदु अधिकारी और वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय की उपस्थिति में भाजपा में शामिल कराया गया। 

इसे भी पढ़ें: महिला दिवस पर ममता का दांव, भाजपा को घेरने के लिए निकाला 'पैदल मार्च' 

तृणमूल विधायक सोनाली गुहा, दीपेंदु बिस्वास, रवींद्रनाथ भट्टाचार्य, जटू लहिरी और सरला मुर्मू ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इन नेताओं में सबसे चौंका देने वाला नाम सरला मुर्मू का है। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस ने सरला मुर्मू को हबीबपुर से अपना उम्मीदवार बनाया था लेकिन बाद में उनके स्थान पर पार्टी ने दूसरे उम्मीदवार को खड़ा किया। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा था कि सरला मुर्मू की तबीयत सही नहीं है। जबकि सरला मुर्मू को हबीबपुर से चुनाव लड़ना पसंद नहीं था। 

इसे भी पढ़ें: मोदी और शाह सबसे बड़े लुटेरे, परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं: ममता 

टिकट नहीं मिलने भाजपा में आए भट्टाचार्य

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने 5 मार्च दिन शुक्रवार को दोपहर 2 बजे 291 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। हालांकि उन्होंने 80 साल से अधिक उम्र के नेताओं को टिकट नहीं दिया। जिसके बाद रवींद्रनाथ भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस को अलविदा कहा और भाजपा के साथ आ गए। आपको बता दें कि भट्टाचार्य सिंगूर से तृणमूल का प्रतिनिधित्व करते थे और वह ममता सरकार में मंत्री भी थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


सिंधिया को लेकर राहुल का छलका दर्द, बोले- कांग्रेस में होते तो एक दिन मुख्यमंत्री बन जाते

  •  अनुराग गुप्ता
  •  मार्च 8, 2021   17:16
  • Like
सिंधिया को लेकर राहुल का छलका दर्द, बोले- कांग्रेस में होते तो एक दिन मुख्यमंत्री बन जाते

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि अगर सिंधिया ने अलग रास्ता नहीं चुना होता तो वह एक दिन मुख्यमंत्री जरूर बनते। लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का दर्द छलका है। राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस के एक कार्यक्रम में ज्योतिरादित्य सिंधिया का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस में जो निर्णायक भूमिका में थे, भाजपा में उन्हें पिछली सीट पर जगह मिल रही है। 

इसे भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बोले राहुल गांधी, इतिहास रचने और भविष्य संवारने में सक्षम हैं महिलाएं 

राहुल का छलका दर्द

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि अगर सिंधिया ने अलग रास्ता नहीं चुना होता तो वह एक दिन मुख्यमंत्री जरूर बनते। लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना है। राहुल ने कांग्रेस संगठन के महत्व के विषय पर युवा कांग्रेस से बात करते हुए कहा कि सिंधिया के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ काम कर संगठन को मजबूत बनाने का विकल्प था और मैंने उनसे कहा था कि आप एक दिन मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।

अपने सबसे अच्छे मित्र ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में राहुल ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग मेरे से लिखकर ले लीजिए कि वह वहां पर कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे। उन्हें वापस आना पड़ेगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी। 

इसे भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कही यह अहम बात 

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आज एक खास दिन है, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में हम सभी के नेता, देश की आवाज़ राहुल गांधी द्वारा भारतीय युवा कांग्रेस के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रदेश अध्यक्षों का मार्गदर्शन किया गया। मैं युवा कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से राहुल गांधी का धन्यवाद करता हूं।

इसे भी पढ़ें: किसान आंदोलन के 100 दिन होने पर राहुल ने कहा- तीनों कानून वापस लेने ही होंगे 

उल्लेखनीय है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो जाने की वजह से मध्य प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी। क्योंकि सिंधिया के साथ उनके 22 समर्थक विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दिया था। हालांकि बाद में कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों की संख्या में इजाफा हो गया था। जिसके बाद प्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव हुआ था जिसमें भाजपा को 19 और कांग्रेस को 9 सीटें मिली थी और प्रदेश में एक बार फिर से शिवराज के नेतृत्व वाली सरकार बनी।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


देश के 50 धार्मिक स्थलों में शामिल महाकाल मंदिर भी अब बनेगा चाईल्ड फ्रेंडली

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 8, 2021   17:10
  • Like
देश के 50 धार्मिक स्थलों में शामिल महाकाल मंदिर भी अब बनेगा चाईल्ड फ्रेंडली

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो द्वारा स्टेक होल्डर्स की बैठक को संबोधित करते हुए कहा गया कि सिंहस्थ-2016 के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली वातावरण का प्रारम्भ उज्जैन जिले से किया गया था। जिसकी तर्ज पर अन्य राज्यों में आयोजित मेले के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली पैटर्न को अपनाया गया।

उज्जैन। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बृहस्पति भवन में आयोजित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन परिक्षेत्र में बाल भिक्षावृति, बाल श्रम, बाल शोषण की रोकथाम हेतु विभिन्न स्टेक होल्डर्स की बैठक प्रात: 11 बजे ली गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट चिल्ड्रन प्लान के तहत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली की मंशानुसार उज्जैन के विशेषकर महाकाल मंदिर परिक्षेत्र को चाईल्ड फ्रेंडली निर्मित करने हेतु देश के 50 धार्मिक स्थलों में से चयन किया गया है। जिसके यह सुनिश्चित किया जायेगा की कोई भी बालक-बालिका फुटपाथ पर न रहे। किसी भी बालक के परिवार को सहायता की आवश्यकता होने पर शासन के विभिन्न विभागों द्वारा चलायी जा रही योजनाओ से उसे जोड़ा जायेगा।

 

इसे भी पढ़ें: सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही, 12 अधिकारियों को नोटिस जारी

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अध्यक्ष  प्रियंक कानूनगो द्वारा स्टेक होल्डर्स की बैठक को संबोधित करते हुए कहा गया कि सिंहस्थ-2016 के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली वातावरण का प्रारम्भ उज्जैन जिले से किया गया था। जिसकी तर्ज पर अन्य राज्यों में आयोजित मेले के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली पैटर्न को अपनाया गया। जिससे मिसिंग चाईल्ड के केस दर्ज नहीं हुए। बालक के संरक्षण एवं बालको के हित हेतु पारिवारिक व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आयोग द्वारा तैयार की गई एसओपी में सड़क पर रहने वाले बालको के बाल देखरेख संस्था में प्रवेश को अंतिम उपाय के रूप में मानने पर जोर दिया गया है। परिवार में ही बालक का सर्वोत्तम हित हो एवं भारत सरकार की विभिन्न योजना से परिवार को जोड़कर उन्हें सक्षम बनाया जा सकता है।  इस हेतु आवश्यक है कि  पहले आइडेंटिफिकेशन करे फिर मेपिंग की जाकर मेचिंग किया जाए कि किस योजना से लाभान्वित किया जा सकता है द्य यह सभी स्टेकहोल्डर्स का दायित्व है।

 

इसे भी पढ़ें: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री स्व-सहायता समूहों को बांटेंगे 200 करोड़ के ऋण

कलेक्टर आशीष सिह ने बताया  कि संयुक्त टीम द्वारा निरंतर रेस्क्यू ओपरेशन किए जा रहे हैं। साथ ही उनका फॉलोअप भी किया जा रहा है एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन प्लान के तहत जो भी आयोग द्वारा प्रोटोकाल जारी किये गये है। तदुनुसार सम्बन्धित विभागों द्वारा एसओपी में जारी निर्देशों का पालन किया जाकर योजना क्रियान्वित की जायेगी। आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ परेश शाह ने बैठक में बताया कि आयोग द्वारा बाल श्रम बाल दुर्व्यवहार एवं बाल भिक्षावृति विषय बालकों के अधिकारों का हनन एवं निराश्रित बालक एवं बाल अपराधों की घटना के बढ़ते हुए क्रम को देखते हुए विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के माध्यम से पर्यटन स्थलों में चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण निर्मित किया जायेगा। बैठक में एसपी सत्येन्द्र शुक्ल,एडीएम एवं प्रशासक महाकाल मंदिर नरेंद्र सूर्यवंशी भी उपस्थित थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept