दिल्ली की वायु गुणवत्ता का संकट बरकरार, ‘खराब’ श्रेणी में आया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   12:25
दिल्ली की वायु गुणवत्ता का संकट बरकरार,  ‘खराब’ श्रेणी में आया

दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 137 दर्ज किया गया था जबकि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को एक्यूआई क्रमश: 302 व 413 रहा था।

नयी दिल्ली। दिल्ली में शनिवार को एक बार फिर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया जबकि एक दिन पहले अनुकूल हवाओं की वजह से उसमें सुधार देखने को मिला था। दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 209 दर्ज किया गया। शुक्रवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 137 दर्ज किया गया था जबकि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को एक्यूआई क्रमश: 302 व 413 रहा था। उल्लेखनीय है कि शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘अत्यंत खराब’ और 401 से 500 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को हवाओं की तेज गति और पराली जलाने की घटनाओं से प्रदूषण में कम योगदान की वजह से दिल्ली की हवा अपेक्षाकृत साफ रही। 

इसे भी पढ़ें: किसान तो हल चलाता है पर यह आंदोलनकारी तलवार दिखा रहे हैं

हालांकि, शुक्रवार रात को हवाओं की गति मंद पड़ने से प्रदूषकों का एक बार फिर जमाव शुरू हो गया। भारत के मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली में 18 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चली जबकि शनिवार को इसकी गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की उम्मीद है। फसलों की कटाई का सीजन खत्म होने के साथ दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान भी कम हुआ है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफर’ के मुताबिक शुक्रवार को पीएम-2.5 प्रदूषक के मामले में पराली का योगदान महज दो प्रतिशत रहा। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तपमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।