Noida बस गैंगरेप मामले में Delhi Court ने तय किए आरोप, 24 अक्टूबर को दर्ज होंगे बयान

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दिल्ली की एक अदालत ने 16 वर्षीय किशोरी से स्लीपर बस में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में चालक और खलासी पर आरोप तय किए हैं। विशेष अदालत ने पॉक्सो और बीएनएस के तहत दर्ज इस मामले में बचाव पक्ष की दलीलें खारिज कर दीं। मामले में पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए 24 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर दिल्ली की एक अदालत ने अगस्त में 16 वर्षीय लड़की के अपहरण और एक स्लीपर बस के अंदर उससे दुष्कर्म करने के आरोपी बस चालक और खलासी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने यह भी कहा कि दोनों के खिलाफ साक्ष्यों की जांच सुनवाई के दौरान की जाएगी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) सोनम गुप्ता ने दिल्ली पुलिस द्वारा मामले में करीब 400 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किए जाने के एक सप्ताह बाद आरोप तय किए।

आरोपियों कुलदीप और संदीप पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने, विवाह या यौन संबंध बनाने की मंशा से अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए गए हैं। उन पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा छह के तहत गंभीर यौन हमला करने का आरोप भी लगाया गया है। अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि मीडिया के दबाव में पुलिस ने सबूत ‘‘गढ़े’’ थे।

अदालत ने कहा कि सबूतों की जांच सुनवाई के दौरान की जाएगी। पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए मामले की सुनवाई 24 अक्टूबर को तय की गई है। आदेश की विस्तृत प्रति उपलब्ध नहीं हो सकी।

सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक निम्मी सिसोदिया ने कहा कि लड़की और अन्य गवाहों के बयान प्रथम दृष्टया अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन करते हैं कि लड़की को ले जाया गया, बस के अंदर बंधक बनाया गया, यौन उत्पीड़न किया गया और कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा चार अगस्त की रात अपने रिश्तेदार से मिलने नोएडा जा रही थी तभी भारी बारिश के बीच वह गलती से गलत जगह पर उतर गई। उसने कथित रूप से एक स्लीपर बस को रुकने का इशारा किया और उसके खलासी ने उसे बताया कि बस नोएडा सेक्टर 63 जा रही है।

पुलिस का आरोप है कि बस खाली थी और ग्रेटर नोएडा में एक वर्कशॉप में मरम्मत के बाद लौट रही थी। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि बस चलने के बाद खलासी ने लड़की के साथ गलत व्यवहार किया और बाद में उसने और चालक दोनों ने यात्रा के दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने लड़की को विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

आरोपियों ने कथित तौर पर उसे कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास छोड़ दिया जिसके बाद वह ऑटो-रिक्शा से पुलिस थाने पहुंची और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस का पता लगा लिया गया, जिसके तिमारपुर के एक पार्किंग क्षेत्र में होने का पता चला। उन्होंने बताया कि कानपुर निवासी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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