Delhi High Court ने Delhi Race Club बेदखली आदेश के खिलाफ जॉकी एसोसिएशन की याचिका खारिज की

न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने शुक्रवार को 53 एकड़ जमीन पर बने क्लब को खाली करने के नोटिस को चुनौती देने वाली अर्जी को गैर-सुनवाई योग्य करार दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष दिल्ली रेस क्लब इस बेदखली आदेश के खिलाफ पहले ही अपील दायर कर चुका है। केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने दलील दी कि याचिकाकर्ता लीज समझौते का पक्षकार न होने के कारण इसे चुनौती देने का अधिकार नहीं रखता।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ‘जॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें लुटियंस दिल्ली में 53 एकड़ जमीन पर बने ‘दिल्ली रेस क्लब’ को खाली कराने के नोटिस को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर ने कहा कि एसोसिएशन की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और संबंधित पक्ष यानी ‘दिल्ली रेस क्लब’ पहले ही बेदखली आदेश के खिलाफ अपील कर चुका है। केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को बेदखली आदेश को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि वह जमीन के लिए क्लब और सरकार के बीच हुए पट्टा अनुबंध का पक्षकार नहीं है।
ग्यारह अगस्त को दिल्ली रेस क्लब को सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत बेदखली आदेश जारी किया था, जिसमें क्लब को 15 दिनों के भीतर पूरी जगह खाली करने का निर्देश दिया गया था।
अन्य न्यूज़














