Delhi Police ने जवानों को दिए Body-Worn Camera, HC में अनिवार्य करने और SOP की मांग

Delhi HC
ANI
अभिनय आकाश । Oct 6 2026 4:34PM

दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर विरोध प्रदर्शनों और भीड़ नियंत्रण के दौरान दिल्ली पुलिस तथा आरएएफ के लिए बॉडी कैमरे अनिवार्य करने की मांग की गई है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली में तैनात सुरक्षाकर्मियों को बॉडी कैमरे उपलब्ध कराए हैं। इससे घटनाओं की रियल-टाइम रिकॉर्डिंग रखने और साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।

दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। इसमें मांग की गई है कि भीड़ को काबू करने और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान तैनात दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के लिए बॉडी-वर्न कैमरे (BWCs) पहनना अनिवार्य करने का निर्देश दिया जाए। याचिका में ऐसे नियम, रेगुलेशन या स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसके तहत भीड़ को काबू करने में लगे पुलिस और RAF जवानों के लिए बॉडी कैमरे पहनना ज़रूरी हो। साथ ही, इन कैमरों से रिकॉर्ड किए गए फुटेज को स्टोर करने, उसकी सुरक्षा, उसे संभालकर रखने और सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए एक सिस्टम बनाने की भी मांग की गई है। 

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दिल्ली पुलिस ने अपने अधिकारियों को बॉडी-वर्न कैमरे दिए


इस बीच, विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा ज्यादती के आरोपों के बीच, एक आधिकारिक सूत्र ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में फ्रंटलाइन पर तैनात अपने अधिकारियों और कर्मियों को बॉडी-वर्न कैमरे दिए हैं। ये बॉडीकैम नई दिल्ली इलाके में तैनात अधिकारियों को दिए गए, खासकर उन्हें जो भीड़ को संभालने और विरोध प्रदर्शन वाली जगहों व भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था में शामिल थे।

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बॉडीकैम से घटनाओं का रियल-टाइम वीडियो रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी


पुलिस ने कहा कि बॉडीकैम से घटनाओं और पुलिस कर्मियों व प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रियल-टाइम वीडियो रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी, साथ ही ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगने की स्थिति में सबूत भी मिल सकेंगे। सूत्र ने आगे कहा बॉडीकैम महत्वपूर्ण हैं, खासकर तब जब अधिकारी बड़ी भीड़ से निपट रहे हों और दोनों तरफ से आरोप लग रहे हों। रिकॉर्डिंग से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ था। यह फैसला SIR प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शनों के बाद नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तरी दिल्ली जिलों में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बीच लिया गया है। इन घटनाक्रमों के बीच, बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, जबकि प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने के लिए कई जगहों पर कई परतों वाली बैरिकेडिंग की गई है।

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