US Immigration Court ने दी विस्कॉन्सिन मस्जिद के प्रमुख को निर्वासित करने की मंजूरी

अमेरिका की एक आव्रजन अदालत ने फैसला दिया है कि इस्लामिक सोसाइटी ऑफ मिलवॉकी के अध्यक्ष सलाह सरसूर को विदेश नीति के आधार पर निर्वासित किया जा सकता है। न्यायाधीश जेमी सेलिनार्डी ने सरकार की इस दलील को स्वीकार किया, हालांकि ग्रीन कार्ड आवेदन में झूठ बोलने का आरोप खारिज कर दिया गया। फलस्तीनी मूल के सरसूर पिछले तीन दशकों से अमेरिका में रह रहे हैं।
अमेरिका में आव्रजन मामलों की एक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि विस्कॉन्सिन की सबसे बड़ी मस्जिद के फलस्तीनी मूल के प्रमुख सलाह सरसूर को इस आधार पर निर्वासित किया जा सकता है कि वह अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा हैं। अदालत ने हालांकि यह आरोप खारिज कर दिया कि सरसूर ने ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय झूठ बोला था। सलाह सरसूर को अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अधिकारियों ने मार्च में मिलवॉकी में हिरासत में लिया था।
एक संघीय न्यायाधीश ने जून में सरसूर को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा था कि उनका यह दावा ‘‘ठोस’’ है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला प्रशासन इजराइल के खिलाफ बोलने और फलस्तीनी अधिकारों की वकालत करने के कारण उन्हें निशाना बना रहा है। सरसूर पिछले तीन दशक से अमेरिका में रह रहे हैं और ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ मिलवॉकी’ के अध्यक्ष हैं। सरकार का कहना है कि इजराइल में दशकों पहले आतंकवाद से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जाना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
सरकार ने उन पर ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय इजराइल में आतंकवाद से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी छिपाने या उसके बारे में झूठ बोलने का भी आरोप लगाया था। आव्रजन मामलों की अदालत के न्यायाधीश जेमी सेलिनार्डी ने सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि सरसूर को विदेश नीति के आधार पर निर्वासित किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने आवेदन में झूठ बोलने का आरोप खारिज कर दिया। इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में जन्मे सरसूर को 1988 में इजराइली सैन्यकर्मियों पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंकने की बात ‘‘स्वीकार करने के बाद’’ जेल भेजा गया था।
उन्हें 1995 में हथियार और गोला-बारूद रखने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया गया। सरसूर के वकीलों का कहना है कि दोनों मामलों में उन्हें प्रताड़ित किया गया और जुर्म जबरन कबूल कराया गया। सरसूर का अमेरिका में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह 1993 से यहां रह रहे हैं।
उनके वकीलों ने कहा कि अमेरिका सरकार को सरसूर के अमेरिका पहुंचने के समय से ही इजराइल में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी थी। सरसूर ने मंगलवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि उन्हें वापस वेस्ट बैंक भेजे जाने का मतलब उनके ‘‘जीवन का अंत होगा।’’ अदालती दस्तावेजों के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जून 2025 में एक असामान्य ज्ञापन जारी कर कहा था कि सरसूर को भी उसी आधार पर निर्वासित किया जा सकता है जिस आधार पर ट्रंप प्रशासन फलस्तीनी अधिकारों के समर्थक महमूद खलील और मोहसेन महदावी को देश से निकालने की कोशिश कर चुका है। सरसूर को बुधवार को मामले की स्थिति की समीक्षा के लिए अदालत में पेश होना है।
अन्य न्यूज़














