Delhi Police ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में विशेष अभियान के दौरान 44 आरोपियों को गिरफ्तार किया

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में Delhi Police ने 72 घंटे के विशेष अभियान के दौरान 34 आपराधिक मामलों में 44 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क अपराधों, साइबर धोखाधड़ी और सट्टेबाजी जैसे संगठित अपराधों पर लगाम लगाना था। इस दौरान पुलिस ने पांच लापता लोगों को भी सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया।
दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पश्चिम जिले में 72 घंटे चले अभियान के दौरान 34 आपराधिक मामलों में 44 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन भगोड़े अपराधी भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव ने बताया कि इस अभियान का मकसद पूरे जिले में सड़कों पर होने वाले अपराधों, संगठित आपराधिक गतिविधियों, साइबर धोखाधड़ी, अवैध शराब के कारोबार, जुए और आदतन अपराधियों पर कार्रवाई करना था।
पुलिस ने लापता पांच लोगों का पता लगाने का भी दावा किया। पुलिस ने बताया कि जिन पांच लोगों का पता लगाया गया, उनमें चार नाबालिग और एक मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति हैं तथा इन सभी को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों से मिला दिया गया है। डीसीपी यादव ने बताया कि अहम मामलों में, टीमों ने अशोक विहार से 28 साल के एक कथित चोर को गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी के सोने-चांदी के गहने बरामद किए।
उन्होंने बताया कि चंदन उर्फ राहुल नाम के इस आरोपी पर 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह खराब चरित्र का व्यक्ति भी घोषित है। अधिकारी ने बताया कि सुभाष प्लेस थाने की टीम ने लूट की घटना के आठ घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने शिकायतकर्ता के लूटे गए पैसे, कागज़ात और चोरी हुआ स्कूटर बरामद किया, साथ ही एक देसी कट्टा भी ज़ब्त किया।
मुखर्जी नगर थाना पुलिस ने एक संदिग्ध झपटमार को भी गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी के पांच मोबाइल फोन और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि झपटमारी और चोरी के 10 मामलों में उसकी संलिप्तता पाई गई है, जबकि उसपर 41 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यादव ने बताया कि जिले की साइबर टीम ने साइबर धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनमें से एक को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया और उसपर विवाह संबंधी वेबसाइट के माध्यम से 14 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी और ‘सेक्सटॉर्शन’ का आरोप है। अधिकारी ने बताया कि दूसरे मामले का आरोपी घरेलू सहायक है और उसने अपने नियोक्ता के खाते से ऑनलाइन माध्यम के जरिये अवैध तरीके से 4.1 लाख रुपये स्थानांतरित कर लिये थे। डीसीपी ने बताया कि आबकारी अधिनियम के तहत 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जुए के मामलों में 10 लोगों को पकड़ा गया।
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