वित्तीय धोखाधड़ी में वांछित Kushal Samir Mehta मुंबई से गिरफ्तार, पटियाला हाउस कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा

दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू ने फर्जी सरकारी दस्तावेजों और वित्तीय धोखाधड़ी के दो मामलों में फरार चल रहे आरोपी को मुंबई के बोरीवली स्टेशन से पकड़ा है। आरोपी ने कथित तौर पर वित्त मंत्रालय के जाली कागजात बनाकर करोड़ों रुपये की निकासी का प्रयास किया था और गुजरात के व्यापारी से भी 3.12 करोड़ रुपये ठगे थे। अदालत ने उसे सात अक्टूबर तक चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कथित फर्जी सरकारी दस्तावेज और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े दो मामलों में वांछित एक व्यक्ति को मुंबई और गुजरात में उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। ईओडब्ल्यू ने एक बयान में बताया कि कुशल समीर मेहता को निगरानी और सत्यापन के बाद एक अक्टूबर को मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया।
बयान के अनुसार, मेहता ईओडब्ल्यू में दर्ज 2022 के एक प्राथमिकी मामले और 2025 में दर्ज एक अन्य मामले में आरोपी है। बयान के अनुसार वर्ष 2022 का मामला वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ लेखा अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। बयान के अनुसार इसमें फर्जी मंजूरी पत्रों, कोषागार दस्तावेजों और अन्य कागजात के जरिए सरकारी भुगतानों को भुनाने के कथित प्रयासों का आरोप है।
बयान के अनुसार, जांच के दायरे में आए दस्तावेज एक कंपनी के पक्ष में 7.62 करोड़ रुपये और दूसरी कंपनी के पक्ष में 11 करोड़ रुपये के भुगतान से संबंधित थे। बयान के अनुसार सत्यापन में दस्तावेज फर्जी पाए गए और भुगतान जारी नहीं किए गए। वर्ष 2025 के मामले में गुजरात के एक कारोबारी ने आरोप लगाया कि मेहता ने सरकारी विभागों तक अपनी पहुंच होने और सरकारी कामकाज एवं धन की वसूली में मदद करने का दावा किया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित सरकारी दस्तावेजों और आश्वासनों के आधार पर उसे करीब 3.12 करोड़ रुपये देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने बताया कि मेहता ने कथित तौर पर विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के संचार या आदेश के रूप में पेश किए गए दस्तावेजों के अलावा कथित अदालती दस्तावेज, कोषागार के चेक और डिमांड ड्राफ्ट भी उपलब्ध कराए थे। ईओडब्ल्यू की टीम ने मेहता द्वारा नोटिस और अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट के बावजूद जांच में शामिल नहीं होने के बाद उसकी तलाश शुरू की।
ईओडब्ल्यू के बयान में कहा गया, ‘‘तकनीकी निगरानी से उसके मुंबई से पालीताना, भावनगर, अहमदाबाद और वडोदरा जाने का पता चला। इसके बाद ट्रेन से मुंबई लौटने के दौरान भी उस पर नजर रखी गई और टीम ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ समन्वय किया। मेहता की पहचान करके उसे ट्रेन से पकड़ लिया गया।’’ मुंबई की एक अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर की, जिसके बाद उसे दिल्ली लाया गया।
पटियाला हाउस अदालत ने उसे सात अक्टूबर तक चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मुंबई में दर्ज जालसाजी से जुड़े दो अन्य मामलों में भी उसकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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