Israel के पीएम Netanyahu ने भारतीय पायलट Smit Machhar की बहादुरी को सराहा, स्वतंत्रता दिवस पर दिया न्योता

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई विमान में सह-पायलट के हमले को नाकाम करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मच्छार के अदम्य साहस की तारीफ करते हुए उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल प्रज्वलित करने का आमंत्रण दिया। यूएई अस्पताल में भर्ती घायल पायलट ने बताया कि उन्होंने जान की बाजी लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला जिससे यात्रियों की जान बची।

दुबई, चार अक्टूबर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार से फोन पर बात की और ‘फ्लाईदुबई’ के विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की साजिश को नाकाम करने के लिए उन्हें पूरी दुनिया का ‘नायक’ बताया। कैप्टन मच्छार पर बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उस समय विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था।

नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक अस्पताल में उपचार करा रहे 38 वर्षीय पायलट से बात करके उनका हालचाल जाना। ‘लाउडस्पीकर मोड’ पर की गई इस कॉल की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर साझा की गई। उन्होंने बातचीत के दौरान मच्छार एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया।

कैप्टन मच्छार से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है, जो हम अपने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदान करते हैं। आमतौर पर यह केवल इजराइल के नागरिकों के लिए है, लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजराइल का हर नागरिक आपका सम्मान करेगा। हम उम्मीद करते हैं कि आप जल्द ही इजराइल आएंगे।’’ इजराइल के स्वतंत्रता दिवस को ‘योम हाअत्जमाउत’ कहा जाता है और यह हिब्रू कैलेंडर के इयार महीने की पांचवीं तारीख को मनाया जाता है, जो अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में पड़ती है।

शनिवार को इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आप इजराइल, भारत और पूरी दुनिया के नायक हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं आपको (मच्छार) इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित करता हूं।’’ पोस्ट में कहा गया, ‘‘आज शाम हुई इस भावुक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार से पूछा कि यह सब कैसे शुरू हुआ। इस पर मच्छार ने कॉकपिट के उन भयावह पलों के बारे में कई नयी जानकारियां साझा कीं।’’ मच्छार ने उन्हें बताया कि हमले से पहले सह-पायलट इबादत करना चाहता था।

उन्होंने कहा, ‘‘जब वह इबादत कर रहा था, तो सम्मान के कारण मैं आगे की ओर देख रहा था और पीछे की तरफ नहीं देख रहा था। अचानक, करीब चार-पांच मिनट बाद, मेरे सिर के पीछे जोरदार वार हुआ।’’ भारतीय पायलट ने कहा, ‘‘मेरे मन में पहला ख्याल यह आया कि विमान को भारी नुकसान हुआ है और कुछ ठीक नहीं है। लेकिन इसके बाद एक के बाद एक वार होते रहे और तभी मुझे एहसास हुआ कि यह विमान की समस्या नहीं है, बल्कि कॉकपिट में मेरे साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती वार के कारण मेरी आंखों के आगे लगभग अंधेरा छा गया था और मुझे सबकुछ धुंधला दिखाई दे रहा था।’’ मच्छार ने बताया कि इसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि विमान ‘‘तेजी से नीचे की ओर जा रहा है’’।

उन्होंने कहा कि इस हादसे की केवल ‘‘धुंधली सी यादें’’ ही उनके पास बची हैं। उन्होंने कहा कि वह एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, लेकिन सह-पायलट ने उसे फिर से बंद कर दिया, जिससे वह कॉकपिट के फर्श पर पड़े रहे और उन्हें विमान तथा ‘‘लोगों के चीखने’’ की आवाजें सुनाई दे रही थीं। कैप्टन ने कहा, ‘‘मुझमें खुद के लिए और यात्रियों की जान बचाने के लिए एक अंतिम प्रयास करने की ताकत बाकी थी।

मैंने मन बना लिया था कि अगर मैंने अभी कदम नहीं उठाया, तो मेरा बचना असंभव है।’’ मच्छार ने कहा, ‘‘और उसी पल मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी। जान की बाजी लगाकर मैं दरवाजे की ओर बढ़ा और उसे धक्का देकर खोल दिया। गनीमत थी कि बाहर लोग बिल्कुल तैयार थे; (उन्होंने) फौरन मोर्चा संभाल लिया और आगे की कहानी तो आपको मालूम ही है।’’ नेतन्याहू ने उनसे कहा कि वह उनके साहस और ‘‘असंभव परिस्थितियों में भी निर्णय लेने की सूझबूझ’’ से ‘‘हैरान’’ हैं।

उन्होंने मच्छार से कहा, ‘‘आपने इतने लोगों की जान बचाई। मुझे लगता है कि आपने इससे भी बड़ी चीज बचाई है। आपने दुनिया की भावना को बचाया... दुनिया भर में उचित रूप से आपकी प्रशंसा की जा रही है।

आप इजराइल के नायक हैं। आप भारत के नायक हैं। आप पूरी दुनिया के नायक हैं।’’ नेतन्याहू ने कहा, ‘‘आप जानते हैं, मेरा मानना है कि यह किस्मत का खेल और आस्था का भी एक मोड़ है, तथा आपने जो किया वह असाधारण है।

मैंने निश्चित रूप से इजराइली यात्रियों से सुना कि उसके बाद क्या हुआ और आप एक महान नायक हैं। आपके साथ भी नायक थे और आपने उस दिन सबको बचा लिया।’’ कई समाचार संस्थानों, जिनमें ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ और सीएनएन शामिल हैं, की खबरों के अनुसार, ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी की पहचान फ्लाईदुबई के उस सह-पायलट के रूप में हुई है, जिसने मच्छार पर हमला किया और उड़ान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। खबरों में मामले से परिचित लोगों के हवाले से कहा गया है कि कट्टरपंथी विचारों को लेकर चिंता के कारण अल-हम्मामी को पहले ओमान में विमान उड़ाने से प्रतिबंधित किया गया था।

उसने कॉकपिट में आम तौर पर आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए रखी जाने वाली कुल्हाड़ी से मच्छार पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इस उड़ान में 174 यात्री सवार थे।

विमान ने आपातकालीन संकेत भेजे और 34,000 फुट की ऊंचाई से 17,000 फुट से अधिक नीचे की ओर लुढ़क गया। कैप्टन मच्छार कॉकपिट के फर्श पर घायल अवस्था में पड़े थे। उन्हें जब विमान के नीचे जाने का एहसास हुआ तो उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।

दो रिजर्व पायलटों ने विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा। वहां अल-हम्मामी को हिरासत में ले लिया गया, जबकि मच्छार को पास के अस्पताल ले जाया गया और बाद में एयर एंबुलेंस से अबू धाबी पहुंचाया गया। जांच की अगुवाई कर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शनिवार को कहा कि उसकी जांच में सामने आया है कि सह-पायलट ने ‘‘आतंकवादी कृत्य’’ को अंजाम देने का प्रयास किया था।

शुक्रवार को मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से वीडियो कॉल पर बात की और हमले के बाद के भयावह क्षणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन दूसरों को भी नहीं मरने देने के लिए दृढ़ थे। भारतीय दूतावास ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि मच्छार की हालत स्थिर है और वह ‘‘अच्छी तरह स्वस्थ हो रहे हैं।’’ दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शनिवार को अस्पताल में मच्छार से मुलाकात की और उनके साहस तथा जिम्मेदारी की भावना की सराहना की।

यूएई के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री हमदान ने कहा कि फ्लाईदुबई के पायलट ने ‘‘साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति चिंता की सर्वोच्च भावना’’ का परिचय दिया। नेतन्याहू ने इससे पहले उन चार इजराइली यात्रियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने हमलावर पर काबू पाने में मदद की थी। उन्होंने विमान को बचाने के लिए हुए संघर्ष के बारे में यात्रियों से जानकारी ली।

यात्रियों ने बताया कि हमलावर को काबू में करने के बाद उन्होंने हेडफोन की केबल से सह-पायलट को बांध दिया था। इजराइल के प्रधानमंत्री ने उनके ‘‘असाधारण साहस, सूझबूझ और दृढ़ विश्वास’’ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को टालने और कई लोगों की जान बचाने में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर ये यात्री नागरिक वीरता की मशाल जलाएंगे।

नेतन्याहू ने बुधवार शाम सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि घायल पायलट, यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने ‘‘9/11 जैसी त्रासदी को होने से रोकने में सफलता हासिल की।’’ इजराइली प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को फॉक्स न्यूज से कहा कि उड़ान में काबू किए जाने के बाद हमलावर चिल्ला रहा था, ‘‘मुझे मारो, मुझे मारो!’’ उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी से संकेत मिलता है कि हमलावर आत्मघाती था और ऐसा प्रतीत होता है कि उसका इरादा विमान को गिराने का था। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर ‘‘इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित’’ था। इस बीच, मीडिया में आई खबरों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया और इजराइल के अधिकारी ओमानी सह-पायलट के ऑस्ट्रेलिया से संबंधों और उसके फ्लाईदुबई की तेल अवीव जाने वाली उड़ान के चालक दल का हिस्सा बनने की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

वहीं, यूएई के नेतृत्व में जारी जांच में उसके मकसद और संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़