राम मंदिर चंदा विवाद पर Deputy CM मौर्य का बयान: इसे तूल देने की ज़रूरत नहीं

Keshav Maurya
ANI
अंकित सिंह । Jul 3 2026 12:19PM

राम मंदिर चंदे और प्रबंधन से जुड़े विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का समर्थन किया है। मौर्य ने कहा कि इस मामले को अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा बनाने की ज़रूरत नहीं है, जिससे मंदिर निर्माण में जुटे लोग आहत हैं, जबकि अयोध्या में यह विवाद पूर्व कर्मचारी के आरोपों और वकीलों द्वारा ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग के बाद गरमा गया है।

राम मंदिर चंदे के मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चंपत राय के समर्थन में आए। उन्होंने कहा कि इस मामले को बेवजह तूल देने की ज़रूरत नहीं है। इस मुद्दे पर बात करते हुए मौर्य ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि के लिए महान तपस्वियों की तरह दिन-रात काम करने वाले लोग - जिनमें चंपत राय और अन्य शामिल हैं - इस घटना से बहुत आहत हैं। उन्होंने इस विवाद को कम करने की कोशिश करते हुए कहा कि राम मंदिर में दान के मुद्दे को इतना बड़ा मुद्दा बनाने की ज़रूरत नहीं है।

इसे भी पढ़ें: Kejriwal जैसा उदाहरण दोबारा ना बने, इसके लिए बड़ा विधेयक लाने की तैयारी में मोदी सरकार, 30 दिन जेल में रहे तो जायेगी PM, CM और मंत्री की कुर्सी

मौर्य का यह बयान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक पूर्व कर्मचारी द्वारा राम मंदिर के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों पर कई आरोप लगाने के एक दिन बाद आया है। मंदिर में लगभग 18 महीने तक काम करने का दावा करने वाले इस पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी और ड्राइवर टिन्नू यादव, सेवादारों और कर्मचारियों से अपने पैर दबवाते थे। दूसरी ओर फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में विरोध मार्च निकाला और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और मंदिर अधिकारी गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता एवं ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य कृष्ण मोहन का नाम भी वकीलों की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। वकीलों ने अदालत परिसर से श्रीराम जन्मभूमि थाने तक मार्च निकाला और शिकायत सौंपकर मांग की कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए। मार्च के दौरान वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। वकीलों की भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ वकीलों ने आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की में उन्हें मामूली चोटें आई हैं। 

इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चंदे पर Arvind Kejriwal का BJP पर बड़ा हमला, चोरों को सजा के लिए सरकार बदलनी होगी

थाने पहुंचने पर कई वकील थाना प्रभारी के कार्यालय में इकट्ठा हो गए और तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। कालिका प्रसाद मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि बार एसोसिएशन ने कई नामजद व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़