‘मछली पकड़ने वाले विकसित देशों को हिंद महासागर के टूना को हुए नुकसान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए’

Indian Ocean
प्रतिरूप फोटो
ANI

जहां कई देशों ने अपने विशाल औद्योगिक बेड़े को हिंद महासागर की टूना संपदा का दोहन करने और उसे खत्म करने की अनुमति दी, वहीं भारत ने समुद्री पारिस्थिति को बनाये रखते हुए काम किया।

भारत ने सोमवार को कहा कि मछली पकड़ने वाले विकसित देशों को हिंद महासागर के टूना को हुए नुकसान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला ने भारतीय समुद्री टूना आयोग (आईओटीसी) के डेटा संग्रह और सांख्यिकी पर 19वेंकार्यकारी पक्ष के समापन सत्र को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि कुछ देशों द्वारा औद्योगिक रूप से मछली पकड़ने में हाल की वृद्धि ने वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

उन्होंने कहा, जहां कई देशों ने अपने विशाल औद्योगिक बेड़े को हिंद महासागर की टूना संपदा का दोहन करने और उसे खत्म करने की अनुमति दी, वहीं भारत ने समुद्री पारिस्थिति को बनाये रखते हुए काम किया।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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