मध्य प्रदेश में कोरोना के चलते भोपाल-इंदौर में 8 मार्च से लग सकता है रात्रि कर्फ्यू

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 6, 2021   00:01
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मध्य प्रदेश में कोरोना के चलते भोपाल-इंदौर में 8 मार्च से लग सकता है रात्रि कर्फ्यू

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर में लंदन वैरिएंट से प्रभावित 6 मरीज मिले हैं। लंदन वैरिएंट का संक्रमण अधिक घातक है। इसकी संक्रामक क्षमता तुलनात्मक रूप से अधिक है। इंदौर में पिछले सप्ताह प्रतिदिन औसतन 151 प्रकरण बढ़े हैं।

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भोपाल और इंदौर में कोरोना के प्रकरणों में लगातार वृद्धि हो रही है। मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग पर सख्ती जरूरी है। यदि अगले 3 दिन में कोरोना के प्रकरणों में गिरावट नहीं हुई तो 8 मार्च से भोपाल और इंदौर में रात्रि कर्फ्यू लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में कोरोना की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान उपस्थित थे।

 

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कोरोना का लंदन वैरिएंट अधिक घातक, इंदौर को कर रहा है प्रभावित

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर में लंदन वैरिएंट से प्रभावित 6 मरीज मिले हैं। लंदन वैरिएंट का संक्रमण अधिक घातक है। इसकी संक्रामक क्षमता तुलनात्मक रूप से अधिक है। इंदौर में पिछले सप्ताह प्रतिदिन औसतन 151 प्रकरण बढ़े हैं। इसी प्रकार भोपाल में 78, जबलपुर में 16, बैतूल में 13 और छिंदवाड़ा व उज्जैन में 11-11 प्रकरणों की प्रतिदिन औसतन वृद्धि हुई है। इंदौर में पिछले 15 दिनों में प्रकरणों की संख्या दोगुनी हो गई है। इस गंभीरता को देखते हुए इंदौर और भोपाल में सावधानियाँ बरतना और सख्ती करना आवश्यक है।

मास्क नहीं लगाने पर होगी कार्यवाही

मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने, मास्क लगाने और अन्य सावधानियाँ बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुकानदार दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करें जो दुकानदार बिना मास्क के दुकान पर बैठेंगे या बिना मास्क लगाए व्यक्तियों को सामान देंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सामान्य तौर पर रोको-टोको के लिए भी भोपाल और इंदौर में तत्काल प्रभाव से अभियान आरंभ किया जाए।

 

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महाराष्ट्र से लगे जिलों पर लगातार निगरानी रखें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, उज्जैन और महाराष्ट्र से लगे जिलों में कोरोना से प्रभावित प्रकरणों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में किसी भी हालत में स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया जाए। महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। इसकी जवाबदारी बस ऑपरेटरों की होगी। बस ऑपरेटर रिपोर्ट के आधार पर ही यात्रियों को बस में प्रवेश दें। राज्य की सीमा पर पुख्ता चैकिंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि महाराष्ट्र सीमा से लगे सभी जिलों पर लगातार निगरानी रखी जाए।

स्कूल, कॉलेजों में जागरूकता पर ध्यान दें

मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शासकीय तथा गैर-शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं में मास्क का उपयोग अनिवार्य किया जाए। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाएँ।


सामाजिक संगठन दें टीकाकरण केन्द्रों पर सुविधाएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण केन्द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। बुजुर्गों सहित सभी व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था, शेड, पेयजल, व्हील-चेयर और टीकाकरण के बाद ऑब्जर्वेशन के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाये। उन्होंने सामाजिक संगठनों से टीकाकरण केन्द्रों पर चाय, पानी, शरबत आदि की व्यवस्था करने की अपील की।

टीकाकरण के साथ दें मार्गदर्शी कार्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनका टीकाकरण हो रहा है, उन्हें प्रमाण-पत्र के साथ-साथ एक मार्गदर्शी कार्ड भी उपलब्ध कराया जाए, जिसमें अगले टीकाकरण की तिथि, सामान्य जानकारियाँ और आवश्यक सावधानियों के संबंध में उल्लेख हो।

 

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मार्च अंत तक 5595 केन्द्रों पर होगा टीकाकरण

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में 469 केन्द्रों पर टीकाकरण जारी है। ग्यारह मार्च से 1808 केंद्रों पर टीकाकरण आरंभ हो जाएगा और इस माह के अंत तक 5595 केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा का विस्तार किया जाएगा। अब तक 3 लाख 66 हजार 528 हेल्थ केयर वर्कर्स और 3 लाख 2 हजार 165 फ्रंट लाईन वर्कर्स को प्रथम डोज़ का टीका लग चुका है। साठ साल से अधिक आयु वर्ग के प्राथमिकता वाले आयु समूह के एक लाख 3 हजार 911 व्यक्तियों को भी टीका लगाया जा चुका है।





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