नवरात्र मेला के दौरान एक दिन में दस लाख रूपये से अधिक का चढावा, इससे पहले इतनी राशी मंदिर की गोलक में एक दिन में जमा ही नहीं हुई

नवरात्र मेला के दौरान एक दिन में दस लाख रूपये से अधिक का चढावा, इससे पहले इतनी राशी मंदिर की गोलक में एक दिन में जमा ही नहीं हुई

मेला में किये प्रंबधों को लेकर भी इस बार प्रशासन की जमकर तारीफ हो रही है। अगर चढावे के तौर पर आमदनी को देखा जाये तो उस लिहाल से भी इस बार शारदीय नवरात्र मेला में नये रिकार्ड बने हैं। इस बार पहली बार हुआ है कि नवरात्र मेला के दौरान एक दिन में ही दस लाख रूपये से अधिक का चढावा आया।

ज्वालामुखी।  सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में नवरात्र मेला के दैरान इस बार कोरोना बंदिशों में ढील देने के बाद बडी तादाद में श्रद्धालु दर्शनों को आ रहे है। हालांकि पिछले नवरात्रों के मुकाबले भीड उतनी नहीं है।  अपनी दिव्यता के लिये मशहूर तीर्थस्थल ज्वालामुखी में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान दिल्ली व उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों से लोग लगातार यहां दर्शनों को आ रहे हैं।

 

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मेला में किये प्रंबधों को लेकर भी इस बार प्रशासन की जमकर तारीफ हो रही है। अगर चढावे के तौर पर आमदनी को देखा जाये तो उस लिहाल से भी इस बार शारदीय नवरात्र मेला में नये रिकार्ड बने हैं। इस बार पहली बार हुआ है कि नवरात्र मेला के दौरान एक दिन में ही दस लाख रूपये से अधिक का चढावा आया। दस लाख रूपये की राशी बाकायदा मंदिर के खजाने में जमा भी हुये। यह अपने आप में रिकार्ड है। इससे पहले इतनी राशी मंदिर की गोलक में एक दिन में जमा ही नहीं हुई है। मंदिर की गोलक में आने वाले चढावे की यहां बाकायदा रोजाना गिनती होती है।

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यही नहीं दिल्ली से आये एक श्रद्धालु ने मंदिर प्रशासन को गुप्त दान के रूप में करीब 18 लाख रूपये  दान के रूप में मंदिर अधिकारी डी एन यादव के पास जमा कराये । 

इस बार एसडीएम धनवीर ठाकुर व मंदिर अधिकारी डीएन यादव की टीम ने अपने कुशल प्रबंधन के चलते इस सबकी लगातार मानिटिरिंग करके नया इतिहास रचा है। इस बार चढावे की गिनती को क्लोज सर्किट कैमरे से अधिकारियों ने न केवल नजर रखी, बल्कि कई सुधार भी किये। एसडीएम धनवीर ठाकुर मंदिर प्रबंधन में लंबा अनुभव रखते हैं। उन्होंने ज्यादातर अपनी सेवायें सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में दी हैं।

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ज्वालामुखी मंदिर के खजाने में अक्सर गोलमाल कि शिकायतें आती रही हैं। जिससे चढावे की राशी रिकार्ड में आने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।  एक बार तो खुद तत्कालीन मंदिर अधिकारी रंगे हाथों चढावे को चुराते पकडे गये थे। वहीं एक मंदिर कर्मचारी के खिलाफ भी मामला बना तो बाद में मंदिर न्यास का सदस्य भी कैमरे की नजर में पैसे को अपनी जेब में चुराता पकडा गया था। यही वजह है कि यहां होने वाली आमदनी में गडबड की बातें किसी से छिपी नहीं हैं। 

लेकिन इस बार कुछ अलग ही अनुभव किया जा रहा है। जिसके चलते अधिकारियों की तारीफ हो रही है। व लोग कहने लगे हैं कि यही हालात रहे तो वह दिन दूर नहीं जब मंदिर की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।     

आज यहां मंदिर को रंग बिरंगी रोशनियों से सजाया गया है। जिससें दिन रात में महौल एक सा नजर आ रहा है। यहां मदिर में सजावट व रंगीन रोशनियों से सुंदरता में चार चांद लग गये हैं।  मंदिर की चकाचौंध देखते ही बनती है। अपने श्रद्धाभाव के चलते श्रद्धालु यहां जुट जाते हैं। भले ही रात हो। लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पडता। उन्हें तो अपनी अराध्य देवी के दर्शन करने हैं।   





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