कश्मीर में पूर्व आतंकवादियों की पत्नियों और बच्चों ने दिया धरना, उमर अब्दुल्ला पर लगाये गंभीर आरोप

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Prabhasakshi

अपने बच्चों के साथ श्रीनगर के प्रेस एंक्लेव में धरना दे रहीं महिलाओं से जब प्रभासाक्षी संवाददाता ने बात की तो उनका कहना था कि प्रशासन की ओर से कोई भी उनके मुद्दों पर बात करने के लिए उनके पास नहीं आता है।

श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला जब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने एक नीति बनाई थी जिसके तहत आतंकवाद का रास्ता छोड़ने वाले लोगों का पुनर्वास किया जाना था। ऐसे में आतंकवादी रहे लोगों के पाकिस्तान में रहने वाले पत्नी और बच्चे भी भारत आ गये थे ताकि पूरा परिवार एक साथ रह सके। लेकिन उमर अब्दुल्ला की यह पुनर्वास नीति फेल हो गयी जिसका खामियाजा आज काफी लोग भुगत रहे हैं। हम आपको बता दें कि एक दशक पहले पुनर्वास नीति के तहत कश्मीर में आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों की पाकिस्तानी पत्नियों का कहना है कि यहां बिना किसी दस्तावेज के जीवन जीना काफी कठिन हो गया है इसलिए उन्होंने भारतीय नागरिकता देने या फिर पाकिस्तान भेजने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

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अपने बच्चों के साथ श्रीनगर के प्रेस एंक्लेव में धरना दे रहीं महिलाओं से जब प्रभासाक्षी संवाददाता ने बात की तो उनका कहना था कि प्रशासन की ओर से कोई भी उनके मुद्दों पर बात करने के लिए उनके पास नहीं आता है। उन्होंने कहा कि अगर भारत सरकार उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है तो उन्हें पाकिस्तान वापस भेजने के उपाय किए जाने चाहिए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने गृह मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना मानवीय लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

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