गुजरात में कांग्रेस को अपनों ने भी लूटा और सहयोगियों ने भी धोखा दे दिया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jul 6 2019 10:08AM
गुजरात में कांग्रेस को अपनों ने भी लूटा और सहयोगियों ने भी धोखा दे दिया
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जयशंकर और ठाकोर को भाजपा के 100 विधायकों के अलावा राकांपा के एक विधायक, भारतीय ट्रायबल पार्टी के दो और कांग्रेस के दो असंतुष्ट विधायकों अल्पेश ठाकोर और जाला के वोट मिले हैं।

गांधीनगर। विदेश मंत्री एस जयशंकर और एक अन्य भाजपा उम्मीदवार जुगलजी ठाकोर शुक्रवार को उपचुनाव में गुजरात से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने यहां यह घोषणा की। चुनाव आयोग के सूत्रों ने इस चुनाव परिणाम की पुष्टि की है। जयशंकर को 104 वोट मिले और ठाकोर को 105। कांग्रेस उम्मीदवारों- चंद्रिका चूड़ासामा और गौरव पांड्या को 70-70 वोट मिले। पूर्व विदेश सचिव जयशंकर को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने के बाद संसद में निर्वाचित होना जरूरी हो गया था।



गुजरात से राज्यसभा की दो सीटें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद खाली हुई थीं। रूपानी ने संवाददाताओं से कहा, ''हमारे दोनों उम्मीदवार भारी मतों से विजयी हुए हैं। कांग्रेस ने बाधा खड़ी करने की कोशिश की और वह उच्चतम न्यायालय तक गयी लेकिन वह (अपनी कोशिशों में) विफल रही।’’ चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि जयशंकर और ठाकोर को जरूरत से अधिक वोट मिले।
उन्होंने कहा, ''लेकिन प्रक्रिया के तहत दिल्ली में ही चुनाव आयोग निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतिम परिणाम की घोषणा कर सकता है। जयशंकर और ठाकोर को भाजपा के 100 विधायकों के अलावा राकांपा के एक विधायक, भारतीय ट्रायबल पार्टी के दो और कांग्रेस के दो असंतुष्ट विधायकों अल्पेश ठाकोर और जाला के वोट मिले हैं। मतदान के तत्काल बाद अल्पेश ठाकोर और जाला ने कांग्रेस के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।


 
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अल्पेश और जाला के मतों को रद्द करने को कहा क्योंकि उन्होंने व्हिप की अवहेलना करते हुए पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ मतदान किया है। लेकिन मतगणना शुरू होने के पहले निर्वाचन आयोग ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। चूंकि दोनों सीटों के लिए मतदान अलग अलग हुए हैं इसलिए प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए 50 प्रतिशत वोट चाहिए। जयशंकर ने अपनी जीत के लिए भाजपा के केन्द्रीय और राज्य नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय का गुजरात की जनता के साथ विशेष संबंध हैं क्योंकि इस राज्य के लोग बड़ी संख्या में विदेशों में बसे हैं। अब मैं गुजरात से प्रतिनिधि बन कर राज्य की जनता के साथ संपर्क बढ़ाना चाहता हूं।’’ 
 
 
राज्य भाजपा प्रमुख जीतू वघानी ने कहा कि यूपीए की सहयोगी पार्टियों और कांग्रेस ने भी भाजपा को वोट दिया है। दो सीटों के लिए अलग चुनाव कराने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस के उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था लेकिन न्यायालय ने दखल देने से इनकार कर दिया। 182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा में 175 सदस्य मतदान के योग्य प्राए गए।
 

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