KRS Dam के पास कावेरी पानी छोड़ने के विरोध में किसानों का प्रदर्शन

तमिलनाडु को पानी देने के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश के खिलाफ किसानों और कन्नड़ संगठनों ने शुक्रवार को मांड्या में केआरएस बांध के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से घास खाकर और सड़क पर लोटकर अपना विरोध जताया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 1,500 कर्मियों को तैनात किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश के विरोध में किसानों और कन्नड़ संगठनों ने शुक्रवार को जिले में कृष्णराज सागर (केआरएस) जलाशय के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 1,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने तमिलनाडु के लिए 15 दिन तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने की कावेरी जल विनियमन समिति की सिफारिश को बरकरार रखा है।
प्राधिकरण ने कर्नाटक की इस दलील पर गौर नहीं किया कि क्षेत्र में मानसून के दौरान बहुत कम बारिश हुई है और राज्य गंभीर सूखे का सामना कर रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने दो अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। कन्नड़ रक्षण वेदिके के सदस्यों समेत प्रदर्शनकारी जलाशय के पास एकत्र हुए।
कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और कावेरी जल विनियमन समिति के आदेशों का विरोध जताने के लिए प्रतीकात्मक रूप से घास खाई। महिलाओं समेत कुछ प्रदर्शनकारी विरोधस्वरूप सड़क पर लोटते भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तस्वीर वाले पोस्टर भी ले रखे थे जिन पर ‘क्रॉस’ का निशान बना था।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और कई लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘प्राधिकरण ने हमारे किसानों के लिए मौत का फरमान जारी कर दिया है। इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।’’ उसने आरोप लगाया कि कर्नाटक के साथ ‘‘बार-बार अन्याय’’ किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से कड़ा रुख अपनाने की अपील करते हुए कहा, ‘‘पूरा कन्नड़ समुदाय आपके साथ है। आपने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सभी दलों के नेता जाति और धर्म से ऊपर उठकर आपके साथ खड़े होंगे।’’ उसने मुख्यमंत्री से तमिलनाडु के लिए पानी नहीं छोड़ने का आग्रह किया।
प्रदर्शनकारी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से भी अपील की कि वह कर्नाटक से पानी मांगने से पहले जमीनी स्थिति को समझें। कानूनी लड़ाई को और मजबूती से लड़ने की मांग करते हुए उसने कहा, ‘‘यह बंद होना चाहिए। उच्चतम न्यायालय के समक्ष मामले को उचित तरीके से रखा जाना चाहिए।’’ मांड्या की पुलिस अधीक्षक शोभा रानी वी. जे. ने कहा कि प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए पूरे जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा,‘‘कर्नाटक राज्य आरक्षित पुलिस की 10 कंपनियां और जिला सशस्त्र रिजर्व की आठ इकाइयां तैनात की गई हैं। कुल मिलाकर करीब 1,500 पुलिसकर्मी तैनात हैं।’’ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अन्य जिलों से भी पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं, संवेदनशील स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं और वृंदावन गार्डन में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और तमिलनाडु के उनके समकक्ष विजय के तीन अगस्त को मुलाकात करने की संभावना है।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि विजय कर्नाटक आकर शिवकुमार से मुलाकात करेंगे या दोनों के बीच डिजिटल माध्यम से बैठक होगी। शिवकुमार ने विजय को कावेरी क्षेत्र का दौरा कर जमीनी स्थिति स्वयं देखने का प्रस्ताव भी दिया है। इस बीच, विजय के कर्नाटक दौरे का विरोध कर रहे तमिलनाडु के किसानों ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री कर्नाटक जाते हैं तो उन्हें अपने शिवकुमार को तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा में धान की खेती वाले प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कराने के लिए साथ लाना चाहिए।
अन्य न्यूज़















