केजरीवाल से प्रशांत भूषण तक, 2000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी पकड़े गए, अब-तक क्या एक्शन हुआ?

Delhi
ANI
अभिनय आकाश । Oct 10 2026 4:48PM

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके सहित तीन नेताओं को दिल्ली पुलिस ने विमान से ही हिरासत में ले लिया। राजधानी में बिना अनुमति रैली रोकने के लिए पुलिस ने 2,000 से अधिक लोगों को पकड़ा। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

दिल्ली में अपनी फ़्लाइट के उतरने के कुछ ही देर बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फ़ाउंडर अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया। ये तीनों नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली आए थे। सीजेपी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में दिपके को विमान में आए पुलिसकर्मियों से यह कहते हुए सुना जा सकता है, "हम गिरफ़्तार होने के लिए ही यहाँ आए हैं। आइए और हमें गिरफ़्तार कीजिए। नेताओं को हिरासत में लेने से पहले, पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि उनके पास जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। सीजेपी ने इस कार्रवाई को आवाजाही की आज़ादी का उल्लंघन बताया और तीनों नेताओं की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की। सीजेपी ने जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के ख़िलाफ़ आयोजित किया था। यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान कथित तौर पर मतदाता सूची में हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फ़ॉर्म 6' से जुड़े बदलावों को लेकर किया गया था।

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2,000 से ज्यादा हिरासत में लिए गए


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सेंट्रल दिल्ली में होने वाली रैली को रोकने के लिए केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी, जिससे विपक्ष के नेताओं, एक्टिविस्ट और मशहूर यूट्यूबर समेत 2,000 से ज़्यादा लोगों की कोशिशें नाकाम हो गईं। ज़्यादातर लोगों को तय विरोध स्थल, जंतर-मंतर के आस-पास पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया और बसों व वैन में भरकर स्टेडियम और दूसरे अस्थायी डिटेंशन सेंटरों में ले जाया गया।
अधिकारी राजधानी के बीचों-बीच जुलाई में मची अफ़रा-तफ़री जैसी स्थिति को दोबारा नहीं होने देना चाहते थे। उस समय लगभग एक लाख प्रदर्शनकारियों ने देश की संसद तक पहुँचने की धमकी दी थी, जिससे युद्ध जैसे हालात बन गए थे। इन दृश्यों ने कई दिनों तक इंस्टाग्राम फ़ीड और टेलीविज़न स्क्रीन पर कब्ज़ा जमाए रखा था और सरकार को एक अभूतपूर्व मुश्किल स्थिति में डाल दिया था।

पत्थरबाज़ी में दिल्ली पुलिस के दो जवान घायल


दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के ख़िलाफ़ CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के पास पत्थरबाज़ी हुई, जिसमें पुलिस के दो जवान घायल हो गए। इस घटना के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। झड़प के दौरान घायल हुए लोगों में सब-इंस्पेक्टर बजरंग जाधव भी शामिल थे। अपनी चोट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "दंगाइयों को पकड़ने के दौरान मुझे धक्का दिया गया, जिससे मुझे चोट लगी।

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